सरगुजा, 29मई|Hasdeo Forest: भीषण गर्मी और जल संकट के बीच छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला सामने आया है। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) को सरगुजा जिले के हसदेव जंगल में 1742.6 हेक्टेयर क्षेत्र में कोयला खनन के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इस फैसले के बाद इलाके में लाखों पेड़ों की कटाई का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, इस कोल ब्लॉक में माइनिंग ऑपरेशन अदानी समूह द्वारा संचालित किया जाएगा और यहां से निकाला गया कोयला राजस्थान के बिजली संयंत्रों तक पहुंचाया जाएगा। खास बात यह है कि जिस क्षेत्र को सरकारी रिकॉर्ड में “हाई कंजर्वेशन एरिया” माना गया है, उसी इलाके में अब खनन की तैयारी शुरू हो गई है।
वन सलाहकार समिति (FAC) ने 8 मई को हुई बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दी। रिपोर्ट के अनुसार पहले चरण में 1000 हेक्टेयर से अधिक जंगल क्षेत्र में खनन कार्य शुरू होगा और पेड़ों की कटाई भी चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।
हसदेव अरण्य पहले से ही पीईकेबी और परसा कोल ब्लॉक को लेकर विवादों में रहा है। अब केंते एक्सटेंशन को मंजूरी मिलने के बाद पर्यावरण कार्यकर्ताओं और आदिवासी संगठनों का विरोध फिर तेज होने की संभावना जताई जा रही है वही इस इलाके से हाथियों समेत कई वन्य जीवों की आवाजाही होती है और खनन का असर उनके प्राकृतिक रास्तों पर पड़ सकता है। इसके बावजूद परियोजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।