रायपुर, 30 मई। Higher Education : छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए सरकार ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा के अग्रणी शासकीय टी.सी.एल. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उच्च शिक्षा विभाग की आयुक्त रीता यादव ने संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर प्राचार्यों को सख्त निर्देश दिए।
सबसे खास बात यह रही कि विभाग ने पहले ही साफ कर दिया था कि बैठक में किसी प्रतिनिधि को अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी कॉलेजों के प्राचार्यों की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। बैठक में बिलासपुर संभाग, जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के कुल 63 महाविद्यालयों के प्रमुख शामिल हुए।
NEP से लेकर ई-ऑफिस तक, इन 5 मुद्दों पर फोकस
बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 को लेकर कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई। आयुक्त ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, कॉलेजों में पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया, छात्रों की नियमित उपस्थिति, डिजिटल गवर्नेंस और ई-ऑफिस व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए। इसके अलावा GeM पोर्टल से जुड़ी समस्याओं के तत्काल समाधान, शोध कार्यों को बढ़ावा देने और ई-एजुकेशन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
प्राचार्यों को जवाबदेही का संदेश
बैठक के दौरान उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए कि अब कॉलेज प्रशासन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय और अतिथि व्याख्याताओं के कार्यों की भी समीक्षा की गई।
आयुक्त ने कहा कि विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा और बेहतर भविष्य देना सरकार और विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी महाविद्यालयों को गंभीरता, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।
