MNREGA जल संरक्षण से समृद्धि की ओर… जशपुर में डबरियों ने बदली किसानों की तस्वीर

MNREGA जल संरक्षण से समृद्धि की ओर… जशपुर में डबरियों ने बदली किसानों की तस्वीर

रायपुर, 15 अप्रैल। MNREGA : विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक असर अब ग्रामीण इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है, जहां मनरेगा के तहत निर्मित आजीविका डबरियां किसानों के लिए आय का मजबूत आधार बन रही हैं।

डबरी ने बदली किसान मधुसूदन की जिंदगी

विकासखंड बगीचा के ग्राम पंचायत कुदमुरा निवासी किसान मधुसूदन ने अपनी कृषि भूमि पर डबरी का निर्माण कर सिंचाई की समस्या का स्थायी समाधान खोज लिया है। मनरेगा योजना के तहत लगभग 2.85 लाख रुपये की लागत से बनी इस डबरी ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। इससे न केवल उन्हें रोजगार मिला, बल्कि एक स्थायी संपत्ति भी तैयार हुई।

खेती और मत्स्य पालन से बढ़ी आय

डबरी बनने के बाद मधुसूदन ने इसके आसपास लगभग 80 डिसमिल भूमि में टमाटर, फूलगोभी और मिर्च जैसी फसलों की खेती शुरू की। इससे उन्हें करीब 1.50 लाख रुपये की आय हो रही है। इसके साथ ही डबरी में मत्स्य पालन कर वे हर साल लगभग 70 हजार रुपये अतिरिक्त कमा रहे हैं। इस तरह उनकी कुल वार्षिक अतिरिक्त आय लगभग 2.20 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

जिले में तेजी से बढ़ रहा डबरियों का निर्माण

उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले में अब तक 480 आजीविका डबरियों का निर्माण किया जा चुका है। इनका उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना, भूजल स्तर को सुधारना, सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना और मत्स्य पालन व बागवानी जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई दिशा

डबरियों के निर्माण से जहां एक ओर किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल रही है, वहीं दूसरी ओर उनकी आय के नए स्रोत भी विकसित हो रहे हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और किसान आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

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