रायपुर, 25 मई। Agriculture Education : कृषि शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, रोजगारोन्मुखी और नवाचार आधारित बनाने की दिशा में कृषि महाविद्यालय जगदलपुर द्वारा उत्तर भारत का व्यापक शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण में बी.एससी. कृषि तृतीय वर्ष के 90 छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर देश के प्रतिष्ठित कृषि, डेयरी, अनुसंधान एवं वानिकी संस्थानों की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा।
दस दिवसीय भ्रमण में पहुंचे देश के प्रमुख संस्थानों तक
14 मई से 23 मई तक आयोजित इस दस दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण में विद्यार्थियों को पांच प्राध्यापकों के नेतृत्व में चार दलों में विभाजित कर विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों का दौरा कराया गया। जगदलपुर से प्रारंभ होकर रायपुर, दिल्ली, करनाल, मनाली और देहरादून तक पहुंचे इस भ्रमण में विद्यार्थियों ने कई महत्वपूर्ण संस्थानों का अध्ययन किया।
कृषि अनुसंधान और जीन संरक्षण की मिली जानकारी
विद्यार्थियों ने Indian Agricultural Research Institute, नेशनल प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेस और नेशनल जीन बैंक का अवलोकन किया। यहां विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने आधुनिक कृषि अनुसंधान, उन्नत फसल प्रबंधन और जीन संरक्षण प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।
डेयरी अनुसंधान केंद्र में समझीं आधुनिक तकनीकें
करनाल स्थित National Dairy Research Institute में विद्यार्थियों ने साहीवाल, थारपारकर, करन स्विस और करन फ्रिज नस्ल की गायों सहित मुर्राह भैंसों का अवलोकन किया। यहां दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की वैज्ञानिक तकनीकों, कृत्रिम गर्भाधान, चयनित सांडों से वीर्य संग्रहण और क्लोन तकनीक की जानकारी दी गई।
क्लोन भैंसें बनीं आकर्षण का केंद्र
एबीआरसी में क्लोन भैंसे ‘श्रेष्ठ’, ‘तेजस’ और ‘करण’ विद्यार्थियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने आधुनिक पशुपालन और डेयरी प्रबंधन की वैज्ञानिक पद्धतियों को करीब से समझा।
गेहूं और जौ की उन्नत किस्मों का अध्ययन
विद्यार्थियों ने Indian Institute of Wheat and Barley Research का भ्रमण कर गेहूं और जौ की उन्नत किस्मों की ब्रीडिंग, उत्पादन और प्रबंधन प्रक्रियाओं का अध्ययन किया। इसके बाद हिमाचल प्रदेश के कुल्लू स्थित कृषि विज्ञान केंद्र और हॉर्टिकल्चर संस्थानों में स्थानीय फसलों और उन्नत उत्पादन तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
वानिकी अनुसंधान और उच्च शिक्षा के अवसरों से हुए अवगत
देहरादून स्थित Forest Research Institute एवं सेंट्रल एकेडमी फॉर स्टेट फॉरेस्ट सर्विस के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को वानिकी अनुसंधान और उच्च शिक्षा के अवसरों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में पीजी और पीएचडी करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों ने बताया प्रेरणादायी अनुभव
छात्र-छात्राओं ने इस भ्रमण को ज्ञान, अनुभव और प्रेरणा का अद्भुत संगम बताया। उनका कहना था कि इस दौरे ने उन्हें कक्षा से बाहर निकलकर व्यावहारिक अध्ययन का अवसर दिया और उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।
