Book Launched : ‘माटी के पंख’ को मिली नई उड़ान… राज्यपाल रमेन डेका ने किया पुस्तक का भव्य विमोचन

Book Launched : ‘माटी के पंख’ को मिली नई उड़ान… राज्यपाल रमेन डेका ने किया पुस्तक का भव्य विमोचन

रायपुर, 12 जून। Book Launched : साहित्य और संवेदनाओं के संसार में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ते हुए आज राजभवन (लोक भवन) में लेखिका पूजा अग्रवाल की पुस्तक ‘माटी के पंख’ का भव्य विमोचन माननीय राज्यपाल श्री रमेन डेका के कर-कमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए राज्यपाल ने लेखिका को उनकी इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

साहित्य समाज का दर्पण, प्रेरणा का माध्यम है पुस्तक

विमोचन समारोह के दौरान राज्यपाल श्री रमेन डेका ने पुस्तक की विषयवस्तु और लेखिका की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और ऐसी कृतियां पाठकों को नई सोच, नई दिशा और सकारात्मक प्रेरणा प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि ‘माटी के पंख’ जैसी पुस्तकें समाज में संवेदनशीलता, प्रकृति प्रेम और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करती हैं।

प्रकृति संरक्षण और मानवीय संवेदनाओं का संदेश

राज्यपाल ने पुस्तक के मूल विषय की चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रकृति के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। ‘माटी के पंख’ प्रकृति संरक्षण का सशक्त संदेश देती है और पाठकों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित करती है। यह पुस्तक केवल कहानियों का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और सामाजिक चेतना का भी संदेशवाहक है।

राज्यपाल के सानिध्य में विमोचन को बताया गौरवपूर्ण क्षण

इस विशेष अवसर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए लेखिका पूजा अग्रवाल ने कहा कि माननीय राज्यपाल के सानिध्य में अपनी पुस्तक का विमोचन होना उनके जीवन का अत्यंत गौरवपूर्ण और यादगार क्षण है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का आशीर्वाद और प्रोत्साहन उन्हें भविष्य में और अधिक सार्थक एवं प्रभावशाली लेखन के लिए प्रेरित करेगा।

21 कहानियों में समाहित है प्रकृति, संघर्ष और उम्मीद की दुनिया

‘माटी के पंख’ में कुल 21 प्रेरणादायक कहानियां शामिल हैं, जो प्रकृति और मानव जीवन के गहरे संबंधों को दर्शाती हैं। इन कहानियों में संघर्ष, आत्मविश्वास, दयालुता, प्रकृति प्रेम, पेड़-पौधों के प्रति लगाव और मिट्टी की गरिमा जैसे विषयों को सरल और प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक यह संदेश देती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोच और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर सफलता हासिल की जा सकती है।

स्क्रीन की दुनिया से परे जीवन के असली रंगों की तलाश

यह पुस्तक पाठकों को डिजिटल दुनिया की सीमाओं से बाहर निकलकर प्रकृति और मानवीय रिश्तों के वास्तविक सौंदर्य को महसूस करने का संदेश देती है। इसमें बताया गया है कि दूसरों की सहायता करना ही ईश्वर की सच्ची पूजा है और जीवन की चुनौतियों के बीच मुस्कुराते रहना ही सबसे बड़ी ताकत है। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए इस पुस्तक में सीख, प्रेरणा और सकारात्मकता का संदेश समाहित है।

साहित्य, संवेदना और प्रकृति का अनूठा संगम

‘माटी के पंख’ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि प्रकृति, मानवता और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता का एक सशक्त प्रयास है। यह कृति पाठकों को सोचने, महसूस करने और प्रकृति के साथ अपने रिश्ते को फिर से समझने के लिए प्रेरित करती है। साहित्य प्रेमियों के लिए यह पुस्तक निश्चित रूप से एक विशेष और प्रेरणादायक अनुभव साबित होगी।

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