रायपुर, 10 जून। राजधानी रायपुर के बीरगांव स्थित रावाभाठा में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की और झड़प हो गई। स्थिति तनावपूर्ण होते देख मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और हालात को नियंत्रण में लिया।
जानकारी के अनुसार, खमतराई थाना क्षेत्र में जिला प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार शिविर का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम का विरोध करने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थल के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड के पास कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच भी धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने रोक दिया।
तनाव बढ़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल को भी मौके पर तैनात किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ता महिलाओं को आवासीय पट्टा वितरण, 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने तथा महतारी वंदन योजना की राशि से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को पूरा करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष पप्पू बंजारे, स्थानीय पार्षदों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान विधायक के काफिले को रोकने का भी प्रयास किया गया, हालांकि पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर आवागमन को सामान्य बनाए रखा।
कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष पप्पू बंजारे ने कहा कि प्रदर्शन पूर्व निर्धारित था और इसकी सूचना पहले ही प्रशासन को दे दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने पहुंचे थे। बंजारे ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है, जिसके विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन किया गया।
पुलिस और प्रशासन की सक्रियता से स्थिति सामान्य होने के बाद सुशासन तिहार कार्यक्रम का संचालन जारी रहा।
