मध्यप्रदेश, 25मई| ग्वालियर में इन दिनों भीषण गर्मी के साथ-साथ जल संकट ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। शहर के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत देखने को मिल रही है, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर जैसे ही टैंकर पहुंचते हैं, पानी भरने के लिए भीड़ जमा हो जाती है और धक्का-मुक्की की नौबत आ जाती है। कुछ स्थानों पर विवाद और झगड़े तक की स्थिति बन रही है, जिससे सामाजिक तनाव भी बढ़ रहा है।
ग्वालियर की करीब 15 लाख आबादी के लिए रोजाना लगभग 10 एमसीएफटी पानी की जरूरत है, जबकि तिघरा डैम से करीब 12 एमसीएफटी पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंचाया जा रहा है। इसके बावजूद शहर के कई हिस्सों में जल आपूर्ति सुचारू नहीं हो पा रही है, जिससे नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
शहर के शिंदे की छावनी, घोसीपुरा, सिंधिया नगर, जागृति नगर, गोल पहाड़िया, लक्ष्मीगंज, हनुमान घाटी, क्रेशर कॉलोनी, टावर कॉलोनी, किलागेट, आरामील, रेशममिल, चंदनपुरा, गुड़ी-गुड़ा का नाका, आदित्यपुरम, शताब्दीपुरम, किला तलहटी, गिरवाई, मोतीझील और किशनबाग जैसे क्षेत्रों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है। कई मोहल्लों में हफ्तों से नलों में पानी नहीं आया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी के इंतजार में उनका पूरा दिन खराब हो जाता है, जिससे काम-धंधे और दिहाड़ी मजदूरी पर भी असर पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि नगर निगम जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकाले, ताकि टैंकरों पर निर्भरता खत्म हो सके और जल संकट से राहत मिल सके।
