Rural Entrepreneurship : ‘बिहान’ योजना से महिलाओं को मिल रही आत्मनिर्भरता की नई पहचान

Rural Entrepreneurship : ‘बिहान’ योजना से महिलाओं को मिल रही आत्मनिर्भरता की नई पहचान

रायपुर, 21 अप्रैल। Rural Entrepreneurship : छत्तीसगढ शासन की महत्वाकांक्षी ‘बिहान’ योजना के माध्यम से प्रदेशभर में ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं स्वरोजगार अपना रही हैं और ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं।

संघर्ष से सफलता तक का प्रेरक उदाहरण

Surguja district के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनतराई की श्रीमती बिलासो बाई की कहानी महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल है। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली बिलासो बाई आज एक सफल उद्यमी बन चुकी हैं और किराना व्यवसाय से प्रतिवर्ष डेढ़ से दो लाख रुपये तक की शुद्ध बचत कर रही हैं।

स्व-सहायता समूह से मिला संबल

बिलासो बाई ने बताया कि वर्ष 2016 से पहले उनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। ‘बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उन्हें वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन मिला। उन्होंने छोटे ऋण से किराना व्यवसाय शुरू किया और बाद में लगभग एक लाख रुपये का ऋण लेकर अपने काम का विस्तार किया।

मेहनत और प्रबंधन से बढ़ी आय

लगातार मेहनत और बेहतर प्रबंधन के चलते आज उनका व्यवसाय अच्छी तरह स्थापित हो चुका है। वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ-साथ बच्चों के सहयोग से व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने अपना ऋण भी चुका दिया है और अब नियमित रूप से अच्छी बचत कर रही हैं।

आत्मविश्वास से आया सामाजिक परिवर्तन

बिलासो बाई ने अपनी सफलता का श्रेय ‘बिहान’ योजना को देते हुए कहा कि इस पहल ने ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाया है। अब महिलाएं घर की सीमाओं से बाहर निकलकर आर्थिक गतिविधियों में भाग ले रही हैं और परिवार के साथ-साथ गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं।

‘लखपति दीदी’ बन रहीं महिलाएं

प्रदेश में ‘बिहान’ योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ कौशल प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। जिला स्तर पर लगातार प्रयासों के चलते बड़ी संख्या में महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में उभर रही हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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