RTE Act : कोरबा में बड़ा शिक्षा विवाद… सरकारी जमीन पर संचालित स्कूल की मान्यता रद्द… शिक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई

RTE Act : कोरबा में बड़ा शिक्षा विवाद… सरकारी जमीन पर संचालित स्कूल की मान्यता रद्द… शिक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई

कोरबा, 12 जून।  RTE Act : कोरबा जिले के शिक्षा जगत में एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। तुलसीनगर स्थित कौशिल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की मान्यता जिला शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है। विभागीय जांच में यह तथ्य सामने आया कि विद्यालय कथित रूप से वर्षों से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर संचालित किया जा रहा था। जांच के दौरान विद्यालय प्रबंधन भूमि स्वामित्व से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहा, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

शिकायत से शुरू हुई जांच, सामने आई कई गंभीर अनियमितताएं

मामले की शुरुआत विद्यालय के संचालन और भूमि स्वामित्व को लेकर प्राप्त शिकायतों से हुई थी। शिकायत के बाद शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त जांच की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। जांच टीम ने पाया कि विद्यालय प्रबंधन को कई बार नोटिस जारी कर भूमि संबंधी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद कोई वैध प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया।

तहसीलदार न्यायालय ने भी माना अवैध कब्जा

मामले में तहसीलदार न्यायालय कोरबा ने भी संबंधित भूमि पर किए गए निर्माण को अवैध कब्जा और अतिक्रमण की श्रेणी में माना था। न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हुई और जिला स्तरीय समिति द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। समिति की रिपोर्ट में विद्यालय के पास नियमानुसार भूमि, भवन और पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता नहीं पाए जाने की बात भी सामने आई।

RTE अधिनियम के उल्लंघन की भी पुष्टि

जांच के दौरान शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन की बात भी उजागर हुई। समिति ने अपनी रिपोर्ट में विद्यालय को निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया और मान्यता समाप्त करने की अनुशंसा की। इसके आधार पर जिला शिक्षा विभाग ने विद्यालय की मान्यता रद्द कर दी है तथा लोक शिक्षण संचालनालय को विद्यालय का U-DISE कोड बंद करने की सिफारिश भेज दी गई है।

छात्रों के भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता, प्रशासन ने दिया आश्वासन

विद्यालय की मान्यता समाप्त होने के बाद सबसे बड़ी चिंता यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर सामने आई है। हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी श्री टी.पी. उपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन द्वारा सभी विद्यार्थियों को अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में समायोजित करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है, ताकि उनका शैक्षणिक सत्र बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

नियमों के पालन का सख्त संदेश

शिक्षा विभाग की यह कार्रवाई निजी शिक्षण संस्थानों के लिए एक स्पष्ट संदेश मानी जा रही है कि शिक्षा के क्षेत्र में नियमों और कानूनी प्रावधानों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों के हितों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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