रायपुर, 10 जून । Illegal Mining : प्रदेश में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत खनिज विभाग ने सूरजपुर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोयला और रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त वाहनों को जप्त किया है। इस दौरान कई वाहन मालिकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई है। मुख्यमंत्री के सुशासन, पारदर्शिता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के संकल्प के अनुरूप जिला प्रशासन और खनिज विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं जांच अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
कोयले के अवैध परिवहन में 6 मोटरसाइकिल जप्त
कलेक्टर रेना जमील के निर्देशानुसार 7 जून को तहसील सूरजपुर अंतर्गत ग्राम पचिरा-मानी चौक मार्ग पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान ग्राम बेलटिकरी के पास अवैध रूप से कोयला परिवहन करते हुए 6 मोटरसाइकिलों को पकड़ा गया। कार्रवाई के दौरान लगभग 5 टन अवैध कोयला जप्त किया गया, जिसे सुरक्षार्थ पुलिस थाना सूरजपुर में रखा गया है। संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
रेत के अवैध परिवहन पर भी सख्ती
खनिज विभाग ने ग्राम राजापुर, हर्राटिकरा और आसपास के क्षेत्रों में भी अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3 टिपर वाहनों के मालिकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। इसके अलावा 8 जून को राजापुर रेत खदान क्षेत्र के औचक निरीक्षण के दौरान अवैध परिवहन में लगे 2 और टिपर वाहनों को जप्त किया गया। जप्त वाहनों और खनिज सामग्री को पुलिस थाना जयनगर के सुपुर्द किया गया है।
जिला स्तरीय टास्क फोर्स की लगातार निगरानी
खनिज विभाग, जिला स्तरीय टास्क फोर्स और खनिज अमले द्वारा खनन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए नियमित जांच और औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं।
प्रशासन की चेतावनी
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व क्षति रोकने के उद्देश्य से यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध खनिज गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुशासन और संसाधन संरक्षण की दिशा में अहम कदम
खनिज विभाग की यह कार्रवाई न केवल अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और शासन की पारदर्शी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी एक प्रभावी पहल मानी जा रही है।
