चेन्नई, 6जून। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी छोड़ने के कुछ ही दिनों बाद अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है। उनके इस फैसले को राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
वीडियो संदेश जारी करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि उनकी नई पार्टी वर्ष 2031 का तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि पिछले 18 महीनों से भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके गंभीर मतभेद चल रहे थे और अब दोनों पक्षों की राजनीतिक सोच और कार्यशैली में काफी अंतर आ गया था।
अन्नामलाई ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने दिसंबर 2025 में ही भाजपा छोड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उनसे आगामी चुनावों तक संगठन में बने रहने का आग्रह किया था। उन्होंने बताया कि आखिरकार 2 जून को उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और अब अपने नए राजनीतिक सफर की शुरुआत करने जा रहे हैं।
पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई को तमिलनाडु भाजपा का सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जाता रहा है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई जन आंदोलनों और राज्यव्यापी यात्राओं का नेतृत्व किया। हालांकि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने से भाजपा को तमिलनाडु में झटका लग सकता है। खासकर युवा और शहरी मतदाताओं के बीच उनकी अच्छी पहचान और पकड़ रही है। वहीं उनकी नई पार्टी राज्य में डीएमके विरोधी वोट बैंक में भी सेंध लगा सकती है, जिससे राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
हालांकि भाजपा को भरोसा है कि नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की राजनीतिक ताकत के दम पर संभावित नुकसान को सीमित किया जा सकेगा।
