गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग…ईसाई समाज ने कहा हर हिंदू परिवार संभाले 50 गायों की जिम्मेदारी

गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग…ईसाई समाज ने कहा हर हिंदू परिवार संभाले 50 गायों की जिम्मेदारी

रायपुर, 6जून। छत्तीसगढ़ संयुक्त ईसाई समाज ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर रायपुर में प्रदर्शन किया। इस दौरान समाज ने एक अनोखा प्रस्ताव रखते हुए कहा कि यदि गाय हिंदू आस्था का केंद्र है, तो प्रत्येक हिंदू परिवार को 50 गायों के संरक्षण और देखभाल की जिम्मेदारी भी दी जानी चाहिए।

राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक पर आयोजित प्रदर्शन में समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कहा कि गाय के नाम पर राजनीति तो खूब होती है, लेकिन उसके संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में गायें आज भी सड़कों पर लावारिस घूम रही हैं, जिससे सड़क हादसों की घटनाएं बढ़ रही हैं।

समाज के अध्यक्ष प्रभाकर ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि उसे राष्ट्रीय पशु या राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाता है, तो उसके संरक्षण, पालन-पोषण और सुरक्षा की जवाबदेही भी स्पष्ट रूप से तय की जानी चाहिए।

इस मांग को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि गाय को मां मानने के लिए किसी सरकारी घोषणा की आवश्यकता नहीं है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि विभिन्न सामाजिक संगठनों और धर्मगुरुओं द्वारा लंबे समय से ऐसी मांगें उठाई जाती रही हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले रायपुर के एक युवक ने गौमाता को राज्य माता घोषित करने की मांग को लेकर अपनी उंगली काट ली थी। वहीं, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती भी गौ संरक्षण तथा गाय को विशेष दर्जा दिए जाने की मांग उठा चुके हैं।

 

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