वाराणसी, 3जून| वाराणसी के राजघाट क्षेत्र में स्थित लगभग 200 वर्ष पुरानी अजगैब शहीद मस्जिद पर मंगलवार देर रात प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट मल्टी मॉडल टर्मिनल और काशी स्टेशन के आधुनिकीकरण कार्य के तहत की गई। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद और कब्रिस्तान रेलवे की भूमि पर स्थित हैं।
जानकारी के अनुसार, काशी स्टेशन परिसर से कुछ दूरी पर भदऊ चुंगी-राजघाट क्षेत्र में मौजूद मस्जिद और कब्रिस्तान की जमीन को रेलवे ने करीब दो वर्ष पहले अपने कब्जे में लिया था। वर्ष 2024 में स्टेशन पुनर्विकास परियोजना शुरू होने के बाद मस्जिद प्रबंधन ने मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जहां अभी भी सुनवाई जारी है।
इसके बावजूद मंगलवार देर रात भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में लगभग आधा दर्जन बुलडोजरों की मदद से मस्जिद के बड़े हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई और आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई।
रात करीब 11 बजे डीआईजी शिव हरी मीणा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने राजघाट से नमो घाट तक पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा भीड़ को हटाने और बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए। क्षेत्र में मौजूद लोगों को भी वहां से हटाया गया।
डीआईजी शिव हरी मीणा ने बताया कि काशी स्टेशन मॉडल स्टेशन परियोजना के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। काशी स्टेशन को लगभग 350 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक और हाईटेक स्वरूप दिया जाना है।
वहीं, मस्जिद प्रबंधन का कहना है कि मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई, जबकि जिला प्रशासन और रेलवे के अधिकारी इस मामले में फिलहाल खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
