रायपुर, 3जून। राजधानी रायपुर में सफाई व्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। बकाया भुगतान नहीं मिलने से नाराज सफाई ठेकेदारों ने आज से काम बंद कर दिया है। हड़ताल के चलते नगर निगम के सभी 70 वार्डों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है और कई इलाकों में कचरा उठाव नहीं हो सका।
सफाई ठेकेदारों का आरोप है कि पिछले चार महीनों से उनका भुगतान लंबित है। भुगतान की मांग को लेकर दो दिन पहले ठेकेदारों ने नगर निगम आयुक्त और नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में समय पर भुगतान नहीं होने की स्थिति में काम बंद करने की चेतावनी भी दी गई थी।
आज सुबह से ही हड़ताल का असर शहर में दिखाई देने लगा। कई वार्डों में घर-घर कचरा संग्रहण नहीं हो सका, जिससे नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के विभिन्न इलाकों में कचरा जमा होने की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं।
इस बीच हाल ही में नगर निगम द्वारा आवासीय और व्यावसायिक यूजर चार्ज बढ़ाने के फैसले को लेकर भी विवाद बना हुआ है। विपक्ष पहले से ही इस निर्णय का विरोध कर रहा था। अब सफाई ठेकेदारों की हड़ताल ने निगम की कार्यप्रणाली और वित्तीय प्रबंधन पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था पहले से ही बदहाल है। ऐसे समय में भुगतान नहीं मिलने के कारण ठेकेदारों का हड़ताल पर जाना निगम प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने निगम प्रशासन से तत्काल बकाया राशि का भुगतान कर सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
यदि हड़ताल लंबे समय तक जारी रहती है, तो राजधानी में कचरे का संकट और गहरा हो सकता है। गर्मी और बारिश के मौसम में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से संक्रमण और विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
