लखनऊ, 1जून। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं तथा आमजन की शिकायतों का समाधान तय समय सीमा के भीतर होना चाहिए।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों को गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी मामले में अनावश्यक देरी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने छह महीने से अधिक समय से लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का उचित कारण के बिना निस्तारण लंबित पाया जाएगा, उनमें जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जरूरतमंद व्यक्ति को न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को बिना किसी भेदभाव के पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और जरूरतमंदों के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में हापुड़ से आई एक बच्ची ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति और पढ़ाई में आ रही कठिनाइयों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। बच्ची से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने उसकी शिक्षा के बारे में जानकारी ली और उसे भरोसा दिलाया कि उसकी पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बच्ची से कहा, “घर जाओ और मन लगाकर पढ़ाई करो, बाकी हम पर छोड़ दो।” साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षित बच्चा ही सशक्त भारत की नींव है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं के समाधान और शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
