बिलासपुर, 1जून। शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर अब मामला सियासी रंग लेने लगा है। आम जनता जहां 12-12 घंटे और कई स्थानों पर 24 घंटे तक बिजली संकट झेल रही है, वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई है।
बिजली व्यवस्था में लगातार आ रही समस्याओं को लेकर मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को अपने निवास पर तलब किया और अव्यवस्था के कारणों पर जवाब मांगा। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बिजली व्यवस्था के सुधार और मरम्मत कार्यों पर करीब 50 लाख रुपये खर्च होने की जानकारी दी। इस पर मंत्री ने तत्काल खर्च और रखरखाव कार्यों का पूरा विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
सूत्रों के अनुसार, तोखन साहू ने अधिकारियों से पूछा कि किन क्षेत्रों में कितना खर्च किया गया, कौन-कौन से सुधार कार्य हुए और किन ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोड की समस्या बनी हुई है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आए दिन ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन विभाग ने अतिरिक्त संसाधनों और व्यवस्थाओं की जरूरत को लेकर कभी गंभीर पहल क्यों नहीं की।
बैठक में मंत्री ने जनता की शिकायतों को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बिजली संकट से परेशान लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा फोन तक नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ रही है।
मंत्री के सख्त तेवरों के बाद बिजली विभाग में हलचल तेज हो गई। बैठक समाप्त होने के तुरंत बाद कार्यपालन अभियंता बीबी नेताम ने सभी सर्विस सेंटरों के अधिकारियों और कर्मचारियों की आपात बैठक बुलाकर स्थिति की समीक्षा की।
तोखन साहू ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ और जनता को राहत नहीं मिली, तो वह इस पूरे मामले को सीधे विष्णुदेव साय के समक्ष उठाएंगे।
