रायपुर, 26 मई। Special Article : छत्तीसगढ़ में इन दिनों विकास और सुशासन की नई तस्वीरें सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की प्रगति की ऐसी साझीदारी है, जिसने छत्तीसगढ़ को विकसित भारत के उभरते रोल मॉडल के रूप में नई पहचान दी है। केंद्र और राज्य सरकार की समन्वय समिति का असर अब गांव से लेकर शहरों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
हर गरीब को पक्का मकान देने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री साय ने सरकार बनने के बाद सबसे पहले गरीबों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की अनुमति दी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवास निर्माण में तेजी आई है। हाल ही में एक क्लिक से तीन लाख करोड़ रुपये की राशि सीधे तौर पर निकाली गई। प्रौद्योगिकी सुधार और एमआईएस इंटीग्रेशन के माध्यम से आवास मंजूरी को अधिक लचीला और प्रभावी बनाया गया है।
केंद्र सरकार से मिला ऐतिहासिक वित्तीय सहयोग
बेहतर वित्तीय प्रबंधन और लचीले प्रशासन के कारण केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को 4,400 करोड़ रुपये के विशेष सहायता विचार दिए हैं। वहीं केंद्रीय बजट 2026-27 में राज्य के लिए लगभग 52 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। यह राशी स्टेट के गोदाम और विकास इंजीनियरों की नई गति वाली कंपनी है।
विकास से बदल रही तस्वीर
छत्तीसगढ़ में सड़क, ऊर्जा और डिजिटल डिजिटल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम जारी है। राज्य में 3,153 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण तेजी से हो रहा है। लगभग 4,500 करोड़ रुपये की लागत से रामपुर-विशाखापट्टनम और रामपुर-रांची की आकाशगंगाएँ विकसित हो रही हैं, जिससे उद्योग और व्यापार को नई दिशा मिल रही है।
डिजिटल इंडिया और ऊर्जा विस्तार का लाभ
बाकी हिस्सों में सौर ऊर्जा और माइक्रो-ग्रिड के माध्यम से बिजली भेजी जा रही है। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत जियो जैसे कि ब्रॉडबैंड और भारत संचार निगम लिमिटेड नेटवर्क का विस्तार किया गया है, जिससे इलाके में शिक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स और ई-कॉमर्स सेवाओं तक पहुंच आसान हो गई है।
राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया गया छत्तीसगढ़ का गौरव
राज्य सरकार की मंजूरी और सुशासन मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर भी मंजूरी मिल गई है। उड़ीसा राज मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ को 12 राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार प्रदान किए गए हैं, जिनमें प्रतिष्ठित “दीन उपाध्याय पंचायत विधान पुरस्कार” भी शामिल है। इसके अलावा राज्य में मनरेगा, स्वास्थ्य और लघु वनोपज संग्रहकर्ता जैसे कई राष्ट्रीय सम्मान हासिल कर चुके हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आयुष्मान भारत योजना को और अधिक प्रभावशाली बनाया गया है। राज्य में पांच नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार हो रहा है।
मुख्यमंत्री साय की इंडस्ट्री-अनुकूल कंपनी और एसईसीएल पीडीएफ़ सिस्टम ने कथा का सहारा लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य को 34,427 करोड़ रुपये की विकासात्मक रिलीज़ जारी की गई है। स्टील और माइनिंग के साथ-साथ कारीगर और विनिर्माण क्षेत्र में भी तेजी से निवेश बढ़ रहा है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़ आज केवल खनिज एवं विशेषज्ञता का केंद्र नहीं है, बल्कि अंत्योदय एवं समग्र विकास की सोच को साकार करने वाला राज्य उभर कर सामने आ रहा है। ग्रामीण आत्मनिर्भरता, शहरी आधुनिकता और युवाओं के सपनों को नई दिशा देने की दिशा में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग और मुख्यमंत्री की दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर छत्तीसगढ़ विकसित भारत के अग्रणी राज्य में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
