कांकेर, 23मई| कांकेर जिला के अंतागढ़ ब्लॉक में 56 ग्राम पंचायतों के सरपंचों द्वारा कथित तौर पर सामूहिक इस्तीफा दिए जाने की घटना ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस मामले को लेकर धमतरी विधायक ओंकार साहू ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
ओंकार साहू ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पंचायत प्रतिनिधि लोकतंत्र की सबसे अहम कड़ी होते हैं, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पंचायतों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों में विकास कार्य ठप पड़े हैं और पंचायतों को न तो पर्याप्त अधिकार मिल रहे हैं और न ही आवश्यक बजट उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से सरपंचों में भारी असंतोष है और अंततः 56 सरपंचों को सामूहिक इस्तीफा देने जैसा कदम उठाना पड़ा, जो ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
विधायक ने आगे कहा कि पंचायत स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में लगातार दिक्कतें आ रही हैं और प्रशासनिक हस्तक्षेप बढ़ने से जनप्रतिनिधियों की भूमिका सीमित हो रही है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और पंचायत राज प्रणाली की विफलता बताया।
भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए ओंकार साहू ने कहा कि राज्य सरकार विकास के बड़े दावे कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं, जिसके चलते यह स्थिति बनी है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से पंचायत राज व्यवस्था को मजबूत करने के पक्ष में रही है, जबकि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान पंचायतों को अधिक अधिकार और संसाधन दिए गए थे।
अंत में उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए और ग्रामीण विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि पंचायत व्यवस्था मजबूत हो सके और ग्रामीण जनता को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।
