Solar Didi बनेंगी छत्तीसगढ़ की ऊर्जा क्रांति की नई पहचान… हरित विकास की दिशा में बड़ा कदम

Solar Didi बनेंगी छत्तीसगढ़ की ऊर्जा क्रांति की नई पहचान… हरित विकास की दिशा में बड़ा कदम

रायपुर, 22 मई। Solar Didi : छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए महत्वाकांक्षी ‘द्वीप्ति योजना’ को मंजूरी दे दी है। वर्ष 2026 से 2031 तक संचालित होने वाली इस योजना के तहत गांवों में ‘सोलर दीदी’ यानी ऊर्जा सखी तैयार की जाएंगी, जो सौर ऊर्जा प्रणालियों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगी।

महिलाएं संभालेंगी सोलर सिस्टम की जिम्मेदारी

योजना के तहत चयनित महिलाओं को सौर ऊर्जा उपकरणों की स्थापना, संचालन और तकनीकी रखरखाव का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये प्रशिक्षित महिलाएं गांवों में सोलर मिल, सिंचाई प्रणाली, कोल्ड स्टोरेज और अन्य सौर परियोजनाओं का संचालन करेंगी।

तकनीकी समस्या का गांव में ही समाधान

दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में सोलर तकनीशियनों की कमी बड़ी चुनौती रही है। ‘सोलर दीदी’ मॉडल के जरिए गांव स्तर पर ही तकनीकी सहायता उपलब्ध होगी, जिससे सौर परियोजनाएं लगातार संचालित रह सकेंगी।

महिला ऊर्जा सहकारी समितियों का होगा गठन

योजना के तहत क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) को महिला नेतृत्व वाली ऊर्जा सहकारी समितियों में बदला जाएगा। ये समितियां सामूहिक रूप से ऊर्जा संपत्तियों का प्रबंधन करेंगी। महासमुंद और बस्तर जिले के कुछ CLF पहले ही प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अधिकृत विक्रेता के रूप में पंजीकृत हो चुके हैं।

‘पे-पर-यूज’ मॉडल से मिलेगी सस्ती ऊर्जा

ग्रामीण उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए योजना में ‘पे-पर-यूज’ और ‘पे-एज-यू-गो’ मॉडल लागू किए जाएंगे। उपभोक्ताओं को केवल उपयोग की गई ऊर्जा का ही भुगतान करना होगा।

2.7 लाख महिला समूहों की होगी भागीदारी

‘द्वीप्ति योजना’ का क्रियान्वयन ‘बिहान’ नेटवर्क के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के लगभग 2.7 लाख स्व-सहायता समूह शामिल होंगे। यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ हरित ऊर्जा को बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के जरिए ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में ‘उपभोक्ता’ से ‘स्वामी’ और ‘प्रबंधक’ बनाया जाएगा। यह पहल छत्तीसगढ़ को महिला नेतृत्व आधारित ‘हरित विकास मॉडल’ के रूप में नई पहचान दिलाएगी।

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