नई दिल्ली, 15 मई। IMD Monsoon Alert : देशभर में अप्रैल और मई के दौरान लगातार बदलते मौसम और तेज बारिश के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मानसून 2026 को लेकर बड़ी राहतभरी खबर दी है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार तय समय से पहले भारत में दस्तक दे सकता है।
15 मई तक अंडमान पहुंच सकता है मानसून
IMD के अनुसार, मानसून 15 मई तक अंडमान-निकोबार द्वीप समूह पहुंच सकता है। आमतौर पर मानसून यहां 20 मई के आसपास पहुंचता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार तेज मानी जा रही है। अगर मौसम की परिस्थितियां इसी तरह अनुकूल बनी रहीं तो मानसून 1 जून से पहले ही केरल तट तक पहुंच सकता है।
बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर बना वजह
मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सिस्टम की वजह से मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। 16 मई तक इसके बंगाल की खाड़ी के दूसरे हिस्सों और पूरे अंडमान समुद्री क्षेत्र में सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। पिछले साल 2025 में मानसून 13 मई को अंडमान पहुंचा था, जबकि इस बार भी मौसमीय परिस्थितियां बेहद अनुकूल बनी हुई हैं।
केरल में जल्द दस्तक के संकेत
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अंडमान पहुंचने के लगभग 15 दिनों के भीतर मानसून केरल पहुंच जाता है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इस बार केरल में मानसून तय समय से पहले दस्तक दे सकता है।
हालांकि IMD ने चेतावनी दी है कि मानसून की तेज गतिविधियों के कारण कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और तूफान जैसी स्थितियां बन सकती हैं।
अल नीनो ने बढ़ाई चिंता
जहां मानसून की जल्दी एंट्री राहत देने वाली खबर है, वहीं दूसरी ओर अल नीनो की स्थिति चिंता बढ़ा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति बनने लगी है, जिसका असर भारत में मॉनसूनी बारिश पर पड़ सकता है।
IMD का अनुमान है कि इस साल देश में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। दीर्घकालिक औसत (LPA) के अनुसार देश में औसत बारिश करीब 80 सेंटीमीटर रहने का अनुमान है, जबकि सामान्य औसत लगभग 87 सेंटीमीटर माना जाता है।
कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि
मॉनसून की (Monsoon Update) सक्रियता बढ़ने के साथ तटीय राज्यों समेत कई हिस्सों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है। इसके अलावा तेज हवाएं और तूफानी गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं। लोगों को मौसम विभाग की एडवाइजरी पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।