Mor Gaon-Mor Paani महाअभियान की बड़ी सफलता… मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी बना जल संरक्षण का मॉडल… भू-जल स्तर में ऐतिहासिक सुधार

Mor Gaon-Mor Paani महाअभियान की बड़ी सफलता… मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी बना जल संरक्षण का मॉडल… भू-जल स्तर में ऐतिहासिक सुधार

रायपुर, 07 मई। Mor Gaon-Mor Paaniछत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में चलाए जा रहे “मोर गांव–मोर पानी” महाअभियान ने शानदार परिणाम दिए हैं। मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले ने इस अभियान के तहत उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए खुद को जल प्रबंधन और ग्रामीण विकास का मॉडल जिला बना लिया है।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और अन्य योजनाओं के प्रभावी समन्वय से जिले में जल संवर्धन, भू-जल स्तर में सुधार और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में व्यापक कार्य किए गए हैं।

1700 से अधिक आजीविका डबरी का निर्माण, बना जनआंदोलन

“जल संरक्षण हमारी जिम्मेदारी” थीम पर संचालित इस अभियान के तहत जिले में 1700 से अधिक आजीविका डबरी बनाई गई हैं। प्रत्येक पंचायत में औसतन 9 डबरी विकसित कर जल संरक्षण को सीधे आजीविका से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया गया है। सामुदायिक सहभागिता और प्रशासन के सतत प्रयासों से यह अभियान अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

सोख्ता गड्ढे, कंटूर ट्रेंच और तालाबों से मजबूत हुआ जल ढांचा

जल संरक्षण को स्थायी रूप देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रेरित कर 2541 सोख्ता गड्ढों का निर्माण कराया गया।

इसके साथ ही—

  • 175 बोरी बंधान
  • 3600 कंटूर ट्रेंच
  • 87 तालाबों का नवीनीकरण

जैसे कार्यों ने जिले के जल ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाया है।

भू-जल स्तर में ऐतिहासिक वृद्धि, आंकड़े दे रहे गवाही

जलदूत ऐप के आंकड़ों के अनुसार जिले में भू-जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है—

  • प्री मानसून 2024 की तुलना में 2025 में 1.81 मीटर वृद्धि
  • पोस्ट मानसून 2024 की तुलना में 2025 में 2.19 मीटर वृद्धि

ये आंकड़े इस अभियान की सफलता और प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

तीनों विकासखंड ‘सेफ’ श्रेणी में, बड़ी उपलब्धि

अभियान के सकारात्मक परिणामों के चलते जिले के तीनों विकासखंड, जो पहले सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में थे, अब “सेफ ब्लॉक” की श्रेणी में आ गए हैं। यह उपलब्धि ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना (23 सितंबर 2025) के अनुसार दर्ज की गई है, जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। रैली, कलश यात्रा, शपथ और दीपदान जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। यही वजह है कि यह अभियान केवल सरकारी पहल न रहकर जन-जन का अभियान बन गया है।

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