रायपुर, 05 मई। PM Janman Yojana : कोरबा विकासखंड के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में बसे जामभाठा, सोनारी और आसपास के छोटे-छोटे टोले कभी देश-दुनिया से कटे हुए माने जाते थे। पथरीले रास्ते, कीचड़ भरे मार्ग और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों ने यहां के जीवन को संघर्षमय बना रखा था। लेकिन अब एक नई पक्की सड़क ने इन गांवों की किस्मत ही बदल दी है।
संघर्ष भरा था हर दिन का सफर
इन गांवों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों—पहाड़ी कोरवा और पंडो—के लिए रोजमर्रा का जीवन बेहद कठिन था। बारिश के दिनों में रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते थे, बीमारों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो जाता था और राशन लाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। गांव तक वाहन पहुंचना लगभग असंभव था, जिससे ये क्षेत्र लंबे समय तक अलग-थलग पड़े रहे।
योजना से आई उम्मीद की किरण
स्थिति तब बदली जब प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास का निर्णय लिया गया। नरेंद्र मोदी की पहल और विष्णुदेव साय के निर्देशन में जामभाठा और सोनारी तक पक्की सड़क पहुंचाने का कार्य शुरू हुआ। लगभग 3.60 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण पहाड़ी और पथरीले इलाके में एक बड़ी चुनौती था, लेकिन लगातार प्रयासों से यह सपना साकार हो गया।
सड़क बनी जीवन बदलने का माध्यम
सड़क बनने के बाद गांव में जीवन पूरी तरह बदल गया है। अब वाहन सीधे घर तक पहुंचते हैं, एम्बुलेंस सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं और लोगों को राशन या अन्य जरूरी सामान लाने में दिक्कत नहीं होती।स्थानीय निवासी पन साय बताते हैं कि पहले की कठिनाइयों को याद करना भी मुश्किल है, लेकिन अब सड़क बनने से गांव में नई ऊर्जा आ गई है और जीवन काफी आसान हो गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच
सड़क बनने से केवल आवागमन ही नहीं सुधरा, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान हो गई है। गांव में अब शिक्षक नियमित रूप से स्कूल पहुंच पा रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई बेहतर हो रही है।
गांव की कुमारी बाई के अनुसार, यह सड़क उनके लिए बाहरी दुनिया से जुड़ने का माध्यम बन गई है और अब उन्हें लगता है कि उनका जीवन भी मुख्यधारा का हिस्सा बन रहा है।
प्रशासन की पहुंच बढ़ी, भरोसा हुआ मजबूत
हाल ही में जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा गांव का दौरा कर सड़क का निरीक्षण किया गया, जिससे ग्रामीणों में विश्वास बढ़ा है कि उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जा रहा है। यह पहल प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण बन रही है। जामभाठा और सोनारी की यह कहानी केवल सड़क निर्माण की नहीं, बल्कि विकास की नई शुरुआत की कहानी है। इस सड़क ने न केवल गांवों को जोड़ा है, बल्कि लोगों के जीवन में स्वास्थ्य, शिक्षा और सुविधाओं की नई राह भी खोल दी है।

