Special Article : महिला स्वसहायता समूहों ने बदली पोषण आहार आपूर्ति की तस्वीर… सरकारी पहल से आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

Special Article : महिला स्वसहायता समूहों ने बदली पोषण आहार आपूर्ति की तस्वीर… सरकारी पहल से आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

रायपुर, 29 अप्रैल। Special Article : छत्तीसगढ़ शासन की दूरदर्शी सोच ने महिला स्वसहायता समूहों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पोषण आहार निर्माण और वितरण की जिम्मेदारी जब इन समूहों को सौंपी गई, तो यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं रहा—यह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की नई शुरुआत बन गया।

प्रशिक्षण और आधुनिक इकाइयों से मिला नया आत्मविश्वास

कोरबा जिले में चयनित महिला समूहों को उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। आधुनिक मशीनों और भंडारण सुविधाओं से लैस उत्पादन इकाइयों ने ग्रामीण महिलाओं को एक संगठित कार्यस्थल और व्यावसायिक दृष्टिकोण प्रदान किया।

उत्पादन से परिवहन तक, हर जिम्मेदारी महिलाओं के हाथ में

महिला समूह अब कच्चे माल की तैयारी से लेकर उत्पादन, पैकेजिंग, गुणवत्ता परीक्षण, भंडारण और परिवहन तक की पूरी जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उनकी दक्षता ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण महिलाएं किसी भी औद्योगिक प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संचालित कर सकती हैं।

आर्थिक सशक्तिकरण से बदली पारिवारिक और सामाजिक स्थिति

नियमित आय के स्रोत ने महिलाओं के जीवन में स्थिरता लाई है। वे अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली बनी हैं। उनके आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सम्मान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

72 हजार हितग्राहियों तक पहुंचेगा पोषण आहार

महिला समूह अब लगभग 72 हजार हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण ‘टेक-होम राशन’ उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इससे आंगनबाड़ी केंद्रों में समय पर आपूर्ति सुनिश्चित होगी और पोषण स्तर में भी सुधार आएगा।

गांव की महिलाएं बन रहीं बदलाव की मिसाल

यह पहल साबित करती है कि सही अवसर, प्रशिक्षण और समर्थन मिलने पर ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि बड़े स्तर पर जिम्मेदारियों का सफल संचालन भी कर सकती हैं।

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