रायपुर, 26 अप्रैल। Farm Innovation : महासमुंद जिले के ग्राम बम्बुरडीह के किसान जियालाल कोसरे ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी सूची में उल्लेखनीय वृद्धि की है। पहले पारंपरिक रूप से धान की खेती करने वाले कोसेरे को अधिक लागत के बावजूद सीमित लाभ मिलता था, लेकिन अब उन्होंने सफलता की नई मिसाल पेश करते हुए खेती को आगे बढ़ाया है। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में किसानों को यह जानकारी मिली कि कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन और लाभ उद्यानिकी उद्यम से संभव है। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत टमाटर सीडलिंग उत्पादन का लाभ लिया और आधुनिक खेती की शुरुआत की।
अनुदान और प्रौद्योगिकी से मिली जगह
योजना के तहत 30 हजार रुपये का अनुदान मिलने के बाद किसानों ने 0.40 हेक्टेयर जमीन पर टमाटर की खेती शुरू की। इस दौरान उन्होंने ड्रिप सींच, मल्चिंग और उच्च गुणवत्ता वाली पौध के उपयोग से उत्पादन को बेहतर बनाया।
प्रति सेकंड 16 से 18 टन उत्पादन
आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग से किसानों को लगभग 16 से 18 टन तक उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में टमाटरों की औसत कीमत करीब 20 रुपये प्रति रैली मिलने से उन्हें करीब 3.09 लाख रुपये का फायदा हुआ, जो पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना ज्यादा है।
अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बनें
ज्येष्ठलाल कोसरे की सफलता अब गांव के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है। उनके सुझाव से बम्बूरडीह के कई किसान भी उद्यानिकी उद्यमों की ओर आकर्षित हो रहे हैं और आधुनिक तकनीकों को लत लगे हुए हैं।
खेती में बदलाव से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था
ऐसे प्रयास में न केवल किसानों की आय बढ़ाई जा रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाया जा रहा है। आधुनिक खेती और सरकारी मंजूरी का सही उपयोग किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

