रायपुर, 24 अप्रैल। Health Care Access : बस्तर के घने जंगलों और दूरस्थ इलाकों में अब स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत मौजूदगी दिखाई देने लगी है। जहां कभी इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहां अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें सीधे गांवों तक पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के तहत महज 10 दिनों में 6.39 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। बड़ी संख्या में मरीजों को मौके पर ही निःशुल्क दवा और उपचार उपलब्ध कराया गया, जिससे तत्काल राहत मिली है।
गंभीर मरीजों के लिए त्वरित रेफरल
अभियान के दौरान गंभीर स्थिति वाले मरीजों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के साथ उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जा रहा है। अब तक 8055 मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए रेफर किया गया है।
कई गंभीर बीमारियों की पहचान
जांच के दौरान मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, मुख कैंसर, सिकल सेल और मोतियाबिंद जैसे हजारों मामलों की पहचान की गई है। समय पर पहचान से इन बीमारियों के इलाज में तेजी आई है और जटिलताओं को कम करने में मदद मिल रही है।
गांव-गांव तक पहुंची मोबाइल मेडिकल यूनिट
मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए उन क्षेत्रों तक भी सेवाएं पहुंच रही हैं, जहां पहले इलाज की सुविधा सीमित थी। इससे दूरस्थ गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।
डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल से मिलेगा निरंतर उपचार
अभियान के तहत लोगों के डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल (आभा) बनाए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में इलाज की प्रक्रिया आसान और व्यवस्थित होगी।
बढ़ा लोगों का भरोसा
इस पहल ने न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाई है, बल्कि ग्रामीणों के मन में भरोसे की नई किरण भी जगाई है। अब लोग इलाज के लिए भटकने के बजाय अपने गांव में ही सुविधाएं पा रहे हैं। छत्तीसगढ में यह अभियान स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक सफल मॉडल बनकर उभर रहा है, जिसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।

