लंबित प्रकरणों के निराकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने 30 अप्रैल 2026 तक लंबित मामलों के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत भूमि संबंधी प्रकरण, मनरेगा मजदूरी भुगतान, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, बिजली व ट्रांसफार्मर समस्याएं और हैंडपंप सुधार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।
1 मई से शुरू होंगे समाधान शिविर
राज्यभर में 1 मई से 10 जून 2026 तक जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत समूहों और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर लगाए जाने वाले इन शिविरों में समस्याओं के समाधान के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी और पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभ देने की व्यवस्था की जाएगी।
एक माह में आवेदन का समाधान अनिवार्य
शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति से अवगत कराने पर भी जोर दिया गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की भागीदारी
अभियान के दौरान मंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी शिविरों में शामिल होकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे तथा आम जनता से सीधा संवाद करेंगे। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनेगी।
मुख्यमंत्री करेंगे निरीक्षण और समीक्षा
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai स्वयं जिलों का दौरा कर योजनाओं और विकास कार्यों का औचक निरीक्षण करेंगे, हितग्राहियों से संवाद करेंगे और जिला स्तर पर समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की जानकारी लेंगे।
सुशासन तिहार 2026 को जन आंदोलन बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार की रणनीति तैयार की गई है। जनसंपर्क विभाग और जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़कर शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।

