Betel Research Centre : छुईखदान में पान खेती को नई संजीवनी…स्थापित हुआ अनुसंधान केन्द्र…50% अनुदान से शेडनेट हाउस निर्माण…किसानों को मिलेगा लाभ

Betel Research Centre : छुईखदान में पान खेती को नई संजीवनी…स्थापित हुआ अनुसंधान केन्द्र…50% अनुदान से शेडनेट हाउस निर्माण…किसानों को मिलेगा लाभ

रायपुर, 03 मार्च। Betel Research Centre  : खैरागढ़-छुईखदान-गंडई  जिले के विकासखण्ड छुईखदान में एक समय पान की खेती व्यापक स्तर पर की जाती थी। तकनीकी मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण प्लांटिंग मटेरियल की कमी के कारण यह पारंपरिक फसल धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रही थी। इसी स्थिति को देखते हुए राज्य शासन ने वर्ष 2023-24 में छुईखदान में पान अनुसंधान केन्द्र स्थापित करने की घोषणा की। यह केन्द्र रानी अवंती बाई लोधी कृषि महाविद्यालय परिसर में स्थापित किया गया है।

शेडनेट हाउस पर 50% अनुदान

पान उत्पादक किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए शेडनेट हाउस अधोसंरचना निर्माण पर 50 प्रतिशत विभागीय अनुदान प्रदान किया जा रहा है। वर्तमान में 7 किसानों द्वारा प्रति किसान 500 वर्गमीटर क्षेत्र में शेडनेट हाउस का निर्माण कराया गया है। प्रत्येक किसान को 1.77 लाख रुपये का अनुदान उद्यानिकी विभाग द्वारा दिया गया है। इनमें से 6 किसान वर्तमान में पान की खेती कर रहे हैं।इस पहल से किसान प्रतिकूल मौसम में भी नियंत्रित वातावरण में पान की खेती कर बेहतर उत्पादन और आय अर्जित कर सकेंगे।

रोपण सामग्री की उपलब्धता पर जोर

गुणवत्तापूर्ण प्लांटिंग मटेरियल सुनिश्चित करने के लिए शासकीय उद्यान रोपणी कुकुरमुड़ा और बीरूटोला में प्रदर्शन प्लॉट तैयार किए जा रहे हैं। कृषि महाविद्यालय के सहयोग से यह कार्य किया जा रहा है, जिससे जिले में पान की खेती को पुनः मजबूती मिल सके। जिला प्रशासन द्वारा इस पहल की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत समय-समय पर स्थल निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।महाविद्यालय के विषय विशेषज्ञ किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं, जिससे जिले में पान की खेती को पुनः स्थापित कर किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।

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