मंत्रिमंडल गठन के बाद विभागों का आवंटन…गृह समेत कई बड़े विभाग सीएम के पास

मंत्रिमंडल गठन के बाद विभागों का आवंटन…गृह समेत कई बड़े विभाग सीएम के पास

कोलकाता, 10 जून। पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन के बाद मंत्रिमंडल के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गृह, विधि एवं न्याय, भूमि एवं भू-राजस्व तथा विद्युत जैसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास ही रखे हैं। इसके अलावा भूमि सुधार, शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास, सूचना एवं सांस्कृतिक मामले, कार्मिक तथा प्रशासनिक सुधार विभाग भी मुख्यमंत्री के अधीन रहेंगे।

सरकार में 13 कैबिनेट मंत्री, 22 राज्य मंत्री और 3 स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों को विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वपन दासगुप्ता को वित्त मंत्रालय का दायित्व दिया गया है। वहीं दीपक बर्मन को स्कूल शिक्षा विभाग तथा जगन्नाथ चटर्जी को उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की जिम्मेदारी मिली है। शंकर घोष को पर्यटन विभाग का प्रभार सौंपा गया है।

स्वास्थ्य विभाग की कमान डॉ. शरदवत मुखर्जी को सौंपी गई है, जबकि मनोज कुमार ओराव को वन एवं पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। गौरी शंकर घोष को पिछड़ा वर्ग विकास, जन शिक्षा विस्तार एवं पुस्तकालय सेवा विभाग का प्रभार मिला है।

अरूप कुमार दास को सिंचाई विभाग, डॉ. कल्याण चक्रवर्ती को खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अजय कुमार पोद्दार को लोक निर्माण एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सौंपा गया है।

अर्जुन सिंह को श्रम एवं परिवहन मंत्री बनाया गया है, जबकि अशोक डिंडा को कृषि विपणन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा कपड़ा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों में मालती रावा रॉय को महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग, डॉ. इंद्रानील खान को युवा सेवा एवं खेल विभाग और राजेश महता को पशु संसाधन विकास एवं मत्स्य पालन विभाग का दायित्व दिया गया है।

मंत्रालयों के इस बंटवारे के साथ ही नई सरकार ने प्रशासनिक कार्यों को गति देने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी।

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