रायपुर, 28मई| नवा रायपुर को देश के प्रमुख औद्योगिक और प्रशासनिक केंद्रों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने प्रस्तावित नवा रायपुर-खरसिया-परमालकसा नई रेल लाइन परियोजना के लिए रायपुर जिले में आने वाली जमीनों की सूची जारी कर दी है।
इस प्रक्रिया के साथ ही भूमि अधिग्रहण की शुरुआती कार्रवाई भी शुरू हो गई है। रेलवे ने प्रभावित भूमि मालिकों को 30 दिनों के भीतर अपना दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया है।
154 हेक्टेयर में फैली परियोजना
SECR के बिलासपुर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार यह पूरी परियोजना लगभग 154 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जाएगी। शुरुआती चरण में रायपुर जिले के भीतर लगभग 12.95 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
जारी अधिसूचना के तहत तिल्दा-नेवरा के आसपास के कई गांव धमनी, गुजरा, गनौद, रींवा, टेकारी, नारा, डिघारी और खौली इस परियोजना से प्रभावित होंगे।
औद्योगिक कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
इस नई रेल लाइन के बनने से रायगढ़,राजनादगांव और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से नवा रायपुर की सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे माल ढुलाई अधिक सुगम होगी और उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से बलोदाबाज़ार के सीमेंट प्लांट, स्टील यूनिट और अन्य उद्योगों को बेहतर लॉजिस्टिक सुविधा मिलेगी।
5वीं और 6वीं लाइन के रूप में विकास
यह परियोजना दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नेटवर्क में 5वीं और 6वीं रेल लाइन के रूप में विकसित की जाएगी। इससे पहले से व्यस्त रेल मार्गों पर दबाव कम होगा और राजधानी क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
केंद्र सरकार की प्राथमिक परियोजना
इस परियोजना को केंद्र सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अप्रैल 2025 में जिन मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी थी, यह योजना उनमें शामिल है।
