Cultural Heritage : धौरपुर पूर्व राजपरिवार में मिलीं दुर्लभ धार्मिक पांडुलिपियां… 1842 की पांडुलिपि भी मिली

Cultural Heritage : धौरपुर पूर्व राजपरिवार में मिलीं दुर्लभ धार्मिक पांडुलिपियां… 1842 की पांडुलिपि भी मिली

रायपुर, 22 मई। Cultural Heritage : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में चल रहे ज्ञानभारतम पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के दौरान धौरपुर के पूर्व राजपरिवार से 11 दुर्लभ धार्मिक और तांत्रिक पांडुलिपियां मिली हैं। इन महत्वपूर्ण पांडुलिपियों का डिजिटल दस्तावेजीकरण किया गया है।

ताड़पत्रों पर लिखी मिलीं ऐतिहासिक पांडुलिपियां

अभियान के तहत रामायण, महाभारत, पुराण, तंत्र-मंत्र और साधना से जुड़ी कई दुर्लभ पांडुलिपियां सामने आई हैं। इनमें वनदुर्गा महाविद्या, काली तंत्र, महामोहन मंत्र, विष्णु सहस्त्रनाम, हनुमान स्तोत्र और यंत्र-मंत्र वशीकरण मंत्र जैसी महत्वपूर्ण पांडुलिपियां शामिल हैं। सर्वेक्षण के दौरान वर्ष 1842 में लिखित वनदुर्गा महामंत्र पांडुलिपि की जानकारी भी सामने आई है, जिसे ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पूर्व राजपरिवार ने साझा की ऐतिहासिक जानकारी

अंबिकापुर स्थित पांडुलिपि संरक्षक मार्तंड सिंह देव के निवास पर उनके पुत्र आदित्य सिंह देव ने पांडुलिपियों का विस्तृत परिचय दिया।

डिजिटल संरक्षण पर जोर

जिला पंचायत सीईओ विनय अग्रवाल ने पांडुलिपियों के डिजिटल संरक्षण और अपलोडिंग प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

विशेषज्ञों ने बताया अमूल्य धरोहर

भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण के अधिकारी हरनेक सिंह ने इन पांडुलिपियों को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताया।

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