रायपुर, 29 अप्रैल। Modern Farming : छत्तीसगढ़ में आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहे हैं। मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड के ग्राम कलारजेवरा के कृषक ईश्वरी प्रसाद ने उन्नत तकनीकों के सहारे खेती में सफलता की नई मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने ड्रिप इरिगेशन और प्लास्टिक मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।
ड्रिप और मल्चिंग तकनीक से बढ़ा उत्पादन
ईश्वरी प्रसाद के पास कुल 1.20 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें से एक एकड़ में उन्होंने उन्नत किस्म के टमाटर (साहो) की खेती की। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना वर्ष 2025-26 के तहत मिले मार्गदर्शन और सहयोग से उन्होंने आधुनिक खेती की शुरुआत की। उन्नत तकनीकों के उपयोग से उन्हें प्रति एकड़ करीब 150 क्विंटल टमाटर का उत्पादन मिला, जो पारंपरिक खेती की तुलना में काफी अधिक है।
कम लागत में अधिक मुनाफा, लाखों की आय
उत्पादन के बाद उन्होंने टमाटर को बाजार में 25 से 30 रुपये प्रति किलो के थोक भाव से बेचा, जिससे कुल 3 लाख 75 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। खेती में लगभग 85 हजार रुपये की लागत आई, जिससे उन्हें करीब 2 लाख 90 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। उद्यानिकी विभाग से 30 हजार रुपये का अनुदान मिलने से लागत और कम हो गई, जिससे मुनाफा और बढ़ा।
अन्य किसानों के लिए बन रहे प्रेरणा स्रोत
ईश्वरी प्रसाद का मानना है कि आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर किसान कम भूमि में भी अधिक उत्पादन और बेहतर आय हासिल कर सकते हैं। उनकी सफलता आसपास के किसानों को भी नई दिशा दे रही है और कई किसान अब उन्नत खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
आत्मनिर्भर खेती की ओर बढ़ते कदम
यह उदाहरण दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन, तकनीक और सरकारी सहयोग से खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। आधुनिक कृषि पद्धतियां न केवल उत्पादन बढ़ा रही हैं, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

