रायपुर, 24 अप्रैल। Women Empowerment : छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक साधारण महिला ने अपने संघर्ष और मेहनत से सफलता की नई कहानी लिखी है। जनपद पंचायत लोरमी के ग्राम खपरीकला की निवासी श्रीमती सम्पत्ति प्रजापति आज “लखपति दीदी” के रूप में पहचान बना चुकी हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। समूह से जुड़ने से पहले उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। एक छोटे होटल व्यवसाय से घर का खर्च चलाना मुश्किल था और आवश्यक जरूरतों को पूरा करना भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ था।
स्व-सहायता समूह से मिला नया रास्ता
एनआरएलएम (बिहान) योजना के अंतर्गत “जय शनिदेव महिला स्व-सहायता समूह” से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत हुई। समूह के माध्यम से उन्हें ऋण और आर्थिक सहयोग मिला, जिसने उनके सपनों को नई दिशा दी।
व्यवसाय का विस्तार और बढ़ी आय
सम्पत्ति दीदी ने प्राप्त सहायता का उपयोग करते हुए अपने होटल व्यवसाय का विस्तार किया। इसके साथ ही उन्होंने सुहाग भंडार और कियोस्क बैंकिंग कार्य भी शुरू किया। उनकी मासिक आय, जो पहले लगभग 10 हजार रुपये थी, बढ़कर अब करीब 25 हजार रुपये हो गई है, जबकि वार्षिक आय लगभग 3 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
कृषि से भी मिली अतिरिक्त आमदनी
व्यवसाय के साथ-साथ वे कृषि कार्य से भी जुड़ी हुई हैं, जिससे उन्हें सालाना लगभग 1 लाख रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत हुई है।
जीवन स्तर में आया सकारात्मक बदलाव
आर्थिक सशक्तिकरण के इस सफर ने उनके परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन की अन्य आवश्यकताओं में सुधार हुआ है और अब वे सम्मानजनक जीवन जी रही हैं।
अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
सम्पत्ति दीदी अब अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प से कोई भी महिला अपने जीवन को नई दिशा दे सकती है।

