रायपुर, 21 अप्रैल। Gariaband District : के घने जंगलों के बीच बसे पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्र साहेबिनकछार में अब बदलाव की स्पष्ट तस्वीर नजर आने लगी है। वर्षों तक भय, अभाव और उपेक्षा झेलने वाला यह गांव अब विकास की ओर बढ़ रहा है और लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगी है।
70 वर्षीय गिरधर सोरी, जो लंबे समय तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे, उनके जीवन में जनसमस्या निवारण शिविर ने नया मोड़ ला दिया। नक्सल मुक्त होने के बाद गांव में आयोजित इस शिविर के दौरान उन्हें व्हीलचेयर प्रदान की गई, जो उनके लिए आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ जीवन जीने का सहारा बनी है।
प्रशासन की मौजूदगी में समस्याओं का समाधान
इस शिविर में कलेक्टर बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौरr और जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्रकार सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया।
मूलभूत सुविधाओं के लिए जारी प्रयास
साहेबिनकछार गांव में अभी भी कई बुनियादी सुविधाओं की कमी है। यहां पक्की सड़क और नियमित बिजली जैसी सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं, और लोग सौर ऊर्जा के सहारे जीवन यापन कर रहे हैं। शासन द्वारा पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, आवास और खाद्य आपूर्ति जैसी सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
जरूरतमंदों को मिल रही सहायता
शिविर के दौरान 65 वर्षीय जुगसाय गोड को भी समाज कल्याण विभाग द्वारा चलने में सहारा देने के लिए छड़ी प्रदान की गई। यह छोटी मदद उनके लिए बड़ी राहत साबित हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के प्रति आभार व्यक्त किया। नक्सल मुक्त होने के बाद साहेबिनकछार में विकास की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। प्रशासन की सक्रियता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

