PM SHRI : प्रधानमंत्री मोदी के विज़न से प्रेरित नगपुरा स्कूल शिक्षा में ला रहा क्रांतिकारी बदलाव…डिजिटल लर्निंग से हरित शिक्षण तक

PM SHRI : प्रधानमंत्री मोदी के विज़न से प्रेरित नगपुरा स्कूल शिक्षा में ला रहा क्रांतिकारी बदलाव…डिजिटल लर्निंग से हरित शिक्षण तक

रायपुर, 11 नवंबर। PM SHRI : दुर्ग जिले का पीएम श्री मॉडल स्कूल नगपुरा आज छत्तीसगढ़ के सबसे प्रगतिशील विद्यालयों में से एक बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी योजना “प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (PM SHRI)” के तहत चयनित इस विद्यालय ने शिक्षा, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण में एक नई पहचान बनाई है।

विद्यालय के प्राचार्य श्री बसंत कुमार यादव बताते हैं कि पीएम श्री योजना का हिस्सा बनने के बाद स्कूल में विकास और बदलाव की नई शुरुआत हुई। विद्यालय में आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएँ, और रचनात्मक लर्निंग कॉर्नर्स की स्थापना से शिक्षण अब अधिक रोचक और विद्यार्थी-केंद्रित हो गया है।

विद्यालय परिसर को पूरी तरह पर्यावरण-मित्र (Eco-friendly) बनाया गया है। यहाँ कचरा पृथक्करण, वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा संयंत्र, और वृक्षारोपण जैसी पहलें की गई हैं। “हरित पहल” (Harit Pahal) के तहत विद्यार्थी स्वयं स्वच्छता अभियान, वेस्ट मैनेजमेंट, और ग्रीन एक्टिविटीज़ में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, जिससे उनमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो रही है।

शिक्षा में नवाचार और डिजिटल बदलाव

विद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप गतिविधि-आधारित, अनुभवात्मक और जिज्ञासा-आधारित शिक्षण पद्धतियाँ अपनाई हैं। शिक्षकों ने PM SHRI प्रशिक्षण और एक्सपोज़र विज़िट्स के माध्यम से नई शिक्षण तकनीकें सीखी हैं। डिजिटल उपकरणों और कला-समेकित शिक्षण (Art Integrated Learning) से छात्रों की सृजनशीलता और समस्या समाधान क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

अब कक्षा-कक्ष अधिक सहभागितापूर्ण और आनंदमय बन गए हैं — जहाँ विद्यार्थी केवल सुनते नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनते हैं।

समावेशी और समग्र विकास की दिशा में कदम

विद्यालय में केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि खेल, योग, संगीत, कला और जीवन-कौशल पर भी समान ध्यान दिया जा रहा है। नियमित शैक्षणिक भ्रमण (Exposure Visits) और फील्ड ट्रिप्स के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन से जोड़कर उनका आत्मविश्वास बढ़ाया जा रहा है।

विद्यालय और समुदाय के बीच अब एक सशक्त संबंध बन चुका है। शाला विकास समिति (SMC) और ग्रामीण अभिभावक विद्यालय की योजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। इस सहयोग से नामांकन और उपस्थिति दर में वृद्धि हुई है और समुदाय का विश्वास विद्यालय के प्रति और भी मजबूत हुआ है।

उपलब्धियाँ और सम्मान

100% डिजिटल क्लासरूम की स्थापना
कक्षा 10वीं में शत-प्रतिशत परिणाम (सत्र 2024–25)
नामांकन में वृद्धि — 986 से बढ़कर 1028 विद्यार्थी
जिला स्तर पर प्रथम और राज्य स्तर पर छठवाँ स्थान
“मॉडल पर्यावरण-मित्र एवं नवाचारी परिसर” के रूप में सम्मानित

विद्यार्थियों ने जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं (एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, कबड्डी आदि), चित्रकला, निबंध लेखन, प्रश्नोत्तरी और “वीर गाथा” पहल में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। शिक्षकों को भी नवाचारी शिक्षण पद्धति और शैक्षणिक नेतृत्व के लिए जिला एवं राज्य स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है।

भविष्य की योजनाएँ और विज़न

विद्यालय अब और भी ऊँचाइयों को छूने की तैयारी में है।
STEM और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रयोगशालाओं की स्थापना
कौशल विकास केंद्र (Skill Hub) की शुरुआत
शून्य अपशिष्ट (Zero Waste) एवं जैविक परिसर का विस्तार
अन्य PM SHRI और अंतरराष्ट्रीय विद्यालयों के साथ वर्चुअल सहयोग कार्यक्रम
सभी विद्यार्थियों के लिए 100% समावेशन, 100% सहभागिता और 100% परिणाम का लक्ष्य

एक नया मॉडल, एक नई प्रेरणा

प्रधानमंत्री मोदी के विज़न से प्रेरित यह विद्यालय अब केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि नवाचार, आत्मनिर्भरता और सतत विकास का प्रतीक बन गया है। नगपुरा का यह स्कूल दिखा रहा है कि जब आधुनिक तकनीक, पर्यावरण चेतना और सामुदायिक सहयोग साथ आएँ — तो शिक्षा वास्तव में समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बन जाती है।

Education