Waqf Board’s Order: छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड का बड़ा आदेश…मोहर्रम-उर्स में डीजे और आतिशबाजी पर रोक

Waqf Board’s Order: छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड का बड़ा आदेश…मोहर्रम-उर्स में डीजे और आतिशबाजी पर रोक

रायपुर, 12 जून। Waqf Board’s Order: छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मोहर्रम, उर्स और अन्य धार्मिक आयोजनों को लेकर महत्वपूर्ण अपील एवं दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी धार्मिक कार्यक्रम कुरआन, हदीस और शरीअत के अनुसार ही आयोजित किए जाएं।

जारी निर्देशों में प्रदेश की सभी ताजिया कमेटियों, दरगाह कमेटियों, उर्स कमेटियों, मुतवल्लियान और इंतेजामिया कमेटियों को कहा गया है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान किसी भी प्रकार की गैर-शरई गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी।

वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि मोहर्रम, उर्स और अन्य मजहबी कार्यक्रमों में डीजे, धुमाल, बैंड-बाजा, नाच-गाना और आतिशबाजी पर पूरी तरह रोक रहेगी। बोर्ड ने कहा कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा, पवित्रता और अनुशासन बनाए रखना सभी संबंधित समितियों की जिम्मेदारी है।

निर्देशों में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि किसी जुलूस या धार्मिक कार्यक्रम में इन नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित समिति और जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें समिति की मान्यता समाप्त करने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।

इसके अलावा, नियमों के उल्लंघन पर अधिकतम 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का भी प्रावधान रखा गया है। वक्फ बोर्ड ने सभी आयोजकों से अपील की है कि वे कार्यक्रमों को शांति, अनुशासन और धार्मिक मर्यादा के साथ संपन्न कराएं और किसी भी प्रकार के विवाद या अनुचित गतिविधियों से दूर रहें।

अपने संदेश में बोर्ड ने हजरत इमाम हुसैन और शहीद-ए-कर्बला की कुर्बानियों को याद करते हुए मोहर्रम को सादगी, इबादत, सब्र और अच्छे आचरण के साथ मनाने की अपील की है।

साथ ही सभी मस्जिदों के इमाम साहबान, मुतवल्लियान और इंतेजामिया कमेटियों को निर्देश दिया गया है कि इस आदेश को जुमे की नमाज से पहले पढ़कर सुनाया जाए और मस्जिदों के नोटिस बोर्ड पर भी अनिवार्य रूप से चस्पा किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन दिशा-निर्देशों से अवगत हो सकें।

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