कोलकाता, 5जून। पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर राजनीतिक हलचल लगातार तेज होती दिखाई दे रही है। विधायकों के एक बागी गुट के सामने आने के बाद अब पार्टी के कुछ लोकसभा सांसदों के भी अलग समूह बनाने की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, एक दर्जन से अधिक सांसद संभावित नए गुट के साथ जा सकते हैं और इसका नेतृत्व पार्टी के एक वरिष्ठ सांसद द्वारा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं और सांसदों में लंबे समय से नाराजगी बनी हुई है। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व और वरिष्ठ सांसदों के बीच बढ़ती दूरी तथा संगठनात्मक फैसलों को लेकर असंतोष इस संभावित घटनाक्रम की प्रमुख वजह है।
वर्तमान में लोकसभा में टीएमसी के 28 सांसद हैं, जबकि राज्यसभा में पार्टी के 13 सदस्य हैं। हालांकि, राज्यसभा सांसदों के बीच किसी बड़े विभाजन की संभावना फिलहाल कम बताई जा रही है।
इससे पहले भी पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं। विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में एक बागी गुट खुद को पार्टी का वास्तविक प्रतिनिधि बता रहा है। इस गुट का दावा है कि उसे कई विधायकों का समर्थन प्राप्त है और आने वाले समय में यह समर्थन और बढ़ सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हालिया चुनावी झटकों के बाद पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ा है। संगठन की कार्यशैली, नेतृत्व के निर्णयों और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी के रुख को लेकर कई नेताओं ने सवाल उठाए हैं। ऐसे में टीएमसी की आंतरिक राजनीति आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा का विषय बन सकती है।
हालांकि, पार्टी की ओर से सांसदों के संभावित अलग गुट के गठन को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक हलकों में अब इस बात पर नजर बनी हुई है कि आने वाले दिनों में यह असंतोष किस दिशा में आगे बढ़ता है और इसका पार्टी की राजनीतिक स्थिति पर क्या असर पड़ता है।
