छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नेतृत्व पर घमासान…बैज–सिंहदेव के बयान से बढ़ी सियासी हलचल

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नेतृत्व पर घमासान…बैज–सिंहदेव के बयान से बढ़ी सियासी हलचल

रायपुर, 23मई| छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठन और नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं ने एक बार फिर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के हालिया बयानों ने पार्टी के भीतर नेतृत्व और भूमिका को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

नेतृत्व और भूमिका पर अलग-अलग राय

दीपक बैज ने हाल ही में कहा कि टीएस सिंहदेव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। बैज ने यह भी कहा कि सिंहदेव पहले भी कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति में शामिल रह चुके हैं और अन्य राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उन्होंने संकेत दिया कि प्रदेश में युवाओं को आगे आने का अवसर मिलना चाहिए।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब सिंहदेव ने कहा था कि यदि पार्टी उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देती है तो वे उसे निभाने के लिए तैयार हैं। इस पर बैज की टिप्पणी को संगठन में संभावित बदलाव की चर्चा से जोड़कर देखा जा रहा है।

सिंहदेव की प्रतिक्रिया

दीपक बैज के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएस सिंहदेव ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आया कि इस तरह की बात किस संदर्भ में कही गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे खुद को अभी भी ऊर्जावान महसूस करते हैं और छत्तीसगढ़ में रहकर ही संगठन के लिए काम करना चाहते हैं।

सिंहदेव ने कहा कि वे लगातार राज्यभर में कार्यकर्ताओं और लोगों से मिल रहे हैं और संगठन को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हर कांग्रेसी की प्राथमिक जिम्मेदारी अपने क्षेत्र और संगठन को मजबूत करना है।

इसके साथ ही सिंहदेव ने चुनावी परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी को कई क्षेत्रों में नुकसान हुआ है और खुद वे भी चुनाव हार चुके हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि दीपक बैज भी चुनाव हार चुके हैं।

नक्सलवाद पर भी बयानबाज़ी

इसी बीच दीपक बैज ने नक्सलवाद के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सुधारने के लिए काम किया था, जबकि भाजपा केवल राजनीतिक बयानबाज़ी कर रही है|

 

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