बिलासपुर, 21मई| बिलासपुर में DMF घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है इस केस में गिरफ्तार कारोबारी सतपाल सिंह छाबड़ा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि आर्थिक अपराध केवल व्यक्तिगत लाभ तक सीमित नहीं होते बल्कि इनका असर पूरी प्रशासनिक व्यवस्था और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है ऐसे मामलों में जमानत को सामान्य मानकों पर नहीं देखा जा सकता।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोप है कि सतपाल सिंह छाबड़ा ने पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा के साथ मिलकर सप्लाई और टेंडर सिस्टम में कमीशन आधारित नेटवर्क तैयार किया था। दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए 30 से 35 प्रतिशत तक कमीशन वसूला जाता था जिसका हिस्सा ऊपर तक पहुंचाया जाता था।
जांच में कई बड़े वित्तीय लेन-देन और नकद ट्रांजैक्शन सामने आए हैं, जिससे कथित मनी नेटवर्क का खुलासा हुआ है फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा।
