भोपाल, 20मई। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में नई तबादला नीति 2026 सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है प्रस्तावित नीति के तहत जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों का सामान्य परिस्थितियों में तबादला नहीं किया जाएगा हालांकि विशेष मामलों में उनके आवेदन पर विचार किया जा सकेगा लेकिन उन्हें जनगणना कार्य पूरा होने के बाद ही कार्यमुक्त किया जाएगा।ल,
सूत्रों के अनुसार नई तबादला नीति में स्वैच्छिक तबादलों को प्राथमिकता दी जा सकती है सरकार कुल कर्मचारियों में से लगभग 5 से 10 प्रतिशत तक तबादले कर सकती है। वहीं एक ही स्थान पर तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्थ कर्मचारियों को तबादले के दायरे में लाए जाने की संभावना है जानकारी के मुताबिक तबादला प्रक्रिया 25 मई से शुरू हो सकती है।
नई नीति के तहत सभी विभागों में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया लागू रहने की संभावना है। साथ ही स्कूल शिक्षा, जनजातीय कार्य, ऊर्जा और राजस्व विभाग को अलग ट्रांसफर पॉलिसी जारी करने की छूट मिल सकती है हालांकि इन विभागों की नीतियां सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के दायरे में रहेंगी।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के जिला स्तर पर तबादले प्रभारी मंत्री की अनुशंसा के बाद कलेक्टर द्वारा किए जाएंगे। वहीं प्रथम श्रेणी अधिकारियों के तबादले के लिए मुख्यमंत्री की मंजूरी आवश्यक होगी। इसके अलावा पिछले एक वर्ष के भीतर स्थानांतरित कर्मचारियों को सामान्य परिस्थितियों में दोबारा तबादले से राहत देने का प्रावधान भी रखा जा सकता है।
