Naxal Free Bastar : बस्तर में अमित शाह का बड़ा ऐलान…! 50 साल का नुकसान 4 साल में भरने का दावा…नक्सलवाद के खिलाफ लड़ने वालों का सम्मान…बिंदुवार यहां देखें

Naxal Free Bastar : बस्तर में अमित शाह का बड़ा ऐलान…! 50 साल का नुकसान 4 साल में भरने का दावा…नक्सलवाद के खिलाफ लड़ने वालों का सम्मान…बिंदुवार यहां देखें

रायपुर/जगदलपुर, 19 मई। Naxal Free Bastar : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो दिवसीय बस्तर दौरे पर जगदलपुर पहुंचे। उन्होंने नक्सलवाद के अंत का दावा करते हुए बस्तर के विकास के लिए 70 सेवा डेरा मॉडल, 20 करोड़ पुनर्वास फंड और कई बड़ी घोषणाएं कीं।उनका दौरा सुरक्षा, विकास और भावनात्मक जुड़ाव का अनोखा मिश्रण बन गया। लाल आतंक के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में मिली सफलता के बाद बस्तर पहुंचे गृहमंत्री ने साफ कहा, अब नक्सलवाद का दौर खत्म हो चुका है, अब विकसित बस्तर की बारी है।

इमली खाते ही मुस्कुराए अमित शाह

दौरे के पहले दिन अमित शाह ने नेतानार स्थित CRPF कैंप में ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ का उद्घाटन किया। यहां उन्होंने इमली प्रसंस्करण केंद्र में काम कर रहीं आदिवासी महिलाओं से मुलाकात की और बस्तर की मशहूर इमली का स्वाद चखा। इमली खाते ही शाह मुस्कुराए और बोले- यहां की इमली खट्टी नहीं, मीठी है। महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य लंबी नाग ने बताया कि इस केंद्र से जुड़कर महिलाएं अब सालाना करीब 1 लाख रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं।

नक्सलवाद के खिलाफ लड़ने वालों का सम्मान

गृहमंत्री ने अलग-अलग राज्यों में नक्सल विरोधी अभियान में शामिल पुलिस, अर्धसैनिक बल और NIA के जवानों का सम्मान भी किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों की बहादुरी की वजह से आज बस्तर विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।

गांव में ही मिलेंगी 370 सेवाएं

नेतानार के “सेवा सेतु केंद्र” के जरिए ग्रामीणों को अब गांव में ही आधार कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और e-KYC जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

महिलाओं को आर्थिक ताकत

बैंक सखी प्रशिक्षण के जरिए महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। इससे गांवों में पैसा जमा-निकासी और SHG क्रेडिट लिंकिंग आसान होगी।

20 करोड़ का पुनर्वास फंड

मुख्यधारा में लौटने वाले पूर्व नक्सलियों के पुनर्वास, शिक्षा और कौशल विकास के लिए केंद्र सरकार ने 20 करोड़ रुपए का शुरुआती फंड जारी किया है।

70 नए ‘सेवा डेरा’ मॉडल

अमित शाह ने घोषणा की कि छत्तीसगढ़ में मौजूद करीब 200 केंद्रीय सुरक्षा कैंपों में से 70 कैंपों को “शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा” में बदला जाएगा। यहां राशन, बैंकिंग, आधार और प्राथमिक शिक्षा जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

50 साल का नुकसान 4 साल में भरने का दावा

गृहमंत्री ने कहा कि नक्सली हिंसा से बस्तर को पिछले 50 वर्षों में जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई केंद्र और राज्य सरकार मिलकर अगले 3-4 वर्षों में करेंगी।

बस्तर को ग्लोबल पहचान दिलाने का प्लान

उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में बस्तर (Naxal Free Bastar) को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाया जाएगा। बस्तर ओलंपिक, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यंजन और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जाएगी।

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