रायपुर, 09 मई। Sushasaan Tihar छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” अब जनसेवा, संवेदनशीलता और त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बनकर उभर रहा है। गांवों की चौपालों से लेकर जनसमस्या निवारण शिविरों तक शासन और जनता के बीच संवाद का मजबूत सेतु तैयार हुआ है, जहां लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है। राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर सुशासन की अवधारणा को धरातल पर उतारने का प्रयास कर रही है।
किसानों की समस्याओं का हो रहा त्वरित समाधान
कोरबा जिले के ईरफ में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में किसानों में विशेष उत्साह देखने को मिला। शासन की पहल से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम नवापारा निवासी कृषक शिव कंवर को बड़ी राहत मिली है। वर्षों से खेती-किसानी से जुड़े शिव कंवर लगभग तीन से चार एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं, जो उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है।
सिंचाई की समस्या से मिल गई राहत
सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण शिव कंवर को हर साल खेती में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। समय पर खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाने से फसल उत्पादन प्रभावित होता था और आर्थिक परेशानियां भी बढ़ जाती थीं। उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने उन्हें पेट्रोल चालित पंप उपलब्ध कराया। पंप मिलने के बाद अब खेतों की सिंचाई आसान हो सकेगी और खेती का कार्य अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा। इससे उत्पादन बढ़ने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होने की उम्मीद है।
किसानों में बढ़ा भरोसा और उत्साह
शिव कंवर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में आम लोगों के लिए राहत का माध्यम बन रहा है। उन्होंने बताया कि अब खेतों में पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी और खेती बेहतर तरीके से हो सकेगी। उन्होंने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
जनसेवा और विश्वास का नया मॉडल
सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार ग्रामीण और किसानों की समस्याओं को सीधे गांवों तक पहुंचकर सुन रही है और तत्काल समाधान भी सुनिश्चित कर रही है। यह पहल प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के साथ ग्रामीण विकास और किसानों की आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
