रायपुर, 09 मई। Operation Talash : छत्तीसगढ़ में गुमशुदा लोगों की तलाश अब सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि संवेदनशील पुलिसिंग और मानवीय जिम्मेदारी की मिसाल बन गई है। वर्ष 2021 से अप्रैल 2026 तक राज्य में 1 लाख 3 हजार 766 गुम इंसानों की रिपोर्ट दर्ज हुई, जिनमें से 87 हजार 35 लोगों को सुरक्षित खोजकर उनके परिवारों से मिलाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पुलिस विभाग द्वारा “ऑपरेशन तलाश” और “ऑपरेशन मुस्कान” जैसे विशेष अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।
ऑपरेशन के तहत बरामद लोगों में 2 हजार 785 बालक, 16 हजार 472 बालिकाएं, 18 हजार 671 पुरुष और 49 हजार 107 महिलाएं शामिल हैं। राजधानी रायपुर सहित अविभाजित जिले में दर्ज 15 हजार 632 मामलों में से 12 हजार 456 लोगों को खोज निकाला गया है। पुलिस द्वारा लंबित मामलों की लगातार समीक्षा की जा रही है और विशेष टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
अप्रैल में चला विशेष अभियान
अप्रैल 2026 में चलाए गए “ऑपरेशन तलाश” के दौरान केवल एक माह में 4 हजार 56 गुमशुदा लोगों को खोजा गया। इनमें 545 बच्चे और 3511 महिला-पुरुष शामिल रहे। पुलिस ने महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु और अन्य राज्यों से भी 182 लोगों को खोजकर वापस लाया।
जिलों की सक्रियता से मिली बड़ी सफलता
बरामदगी के मामलों में दुर्ग जिला सबसे आगे रहा, जहां 683 लोगों को खोजा गया। इसके बाद बिलासपुर में 648, रायपुर में 426, राजनांदगांव में 280 और रायगढ़ में 251 लोगों की बरामदगी हुई। जिला पुलिस इकाइयों की सक्रियता और तकनीकी सहयोग से अभियान को बड़ी सफलता मिली।
अभिव्यक्ति अभियान से बढ़ रही जागरूकता
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर “अभिव्यक्ति” अभियान भी लगातार चलाया जा रहा है। स्कूल, कॉलेज और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा मानव तस्करी, साइबर अपराध, पॉक्सो एक्ट और आत्मरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
हर बरामद व्यक्ति किसी परिवार की खुशी
छत्तीसगढ़ पुलिस का कहना है कि हर गुमशुदा व्यक्ति की बरामदगी किसी परिवार की चिंता और पीड़ा का अंत होती है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति, खासकर बच्चों, महिलाओं या बुजुर्गों के गुम होने की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते उनकी सुरक्षित तलाश सुनिश्चित की जा सके।
