PM Relief : सड़क हादसों में अब मिलेगा 1.50 लाख तक कैशलेस इलाज… रायगढ़ के 77 अस्पतालों में शुरू हुई पीएम-राहत योजना

PM Relief : सड़क हादसों में अब मिलेगा 1.50 लाख तक कैशलेस इलाज… रायगढ़ के 77 अस्पतालों में शुरू हुई पीएम-राहत योजना

रायपुर, 09 मई। PM Relief  : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार की पीएम-राहत (प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट) योजना प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। कलेक्टर के निर्देशन और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा गया है, ताकि हादसे के बाद घायलों को बिना आर्थिक चिंता के तुरंत इलाज मिल सके।

1.50 लाख रुपये तक मिलेगा निःशुल्क इलाज

योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। दुर्घटना के बाद अस्पताल में भर्ती होने पर मरीज को अधिकतम सात दिनों तक निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। योजना का मुख्य उद्देश्य हादसे के बाद के सबसे महत्वपूर्ण समय यानी “गोल्डन ऑवर” में त्वरित उपचार सुनिश्चित कर लोगों की जान बचाना है।

रायगढ़ के 77 अस्पताल योजना से जुड़े

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के 57 शासकीय और 20 निजी अस्पतालों सहित कुल 77 अस्पतालों को पंजीकृत किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी चिकित्सा संस्थानों को योजना संचालन, उपचार प्रक्रिया और आपातकालीन प्रबंधन से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण और दिशा-निर्देश भी प्रदान किए जा चुके हैं।

गोल्डन ऑवर में इलाज पर विशेष फोकस

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दुर्घटना के तुरंत बाद का समय मरीज के जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसलिए बिना किसी देरी के घायल व्यक्ति को निकटतम पंजीकृत अस्पताल पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाएं, ताकि समय रहते उसका उपचार शुरू किया जा सके।

हर वर्ग के लिए जीवनरक्षक पहल

पीएम-राहत योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग ही नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटना का शिकार होने वाले हर व्यक्ति के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। कैशलेस और त्वरित उपचार की यह सुविधा गंभीर घायलों की जान बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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