रायपुर, 03 मई। Agri Innovation : छत्तीसगढ़ में किसानों के बीच खेती का नया ट्रेंड तेजी से उभर रहा है, जहां पारंपरिक धान की खेती की जगह अब फूलों की खेती आर्थिक समृद्धि का माध्यम बनती जा रही है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कम लागत में अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम कोड़केल के किसान आनंदराम सिदार ने गेंदा फूल की खेती से अपनी तकदीर बदलते हुए सफलता की नई मिसाल पेश की है।
पहले धान की खेती से सीमित आय अर्जित करने वाले आनंदराम सिदार ने नवाचार अपनाते हुए फूलों की खेती की ओर कदम बढ़ाया, जिसने उनकी आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। जहां धान की खेती से उन्हें मात्र 22 हजार रुपए का लाभ होता था, वहीं गेंदा फूल की खेती से उन्होंने करीब 3 लाख रुपए की आय अर्जित कर सभी को चौंका दिया।
तकनीकी मार्गदर्शन और आधुनिक पद्धति से मिला बंपर उत्पादन
उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक और वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग से आनंदराम ने कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन हासिल किया, जिससे उनकी आय में कई गुना वृद्धि हुई।
कम लागत में अधिक मुनाफा, फूलों की खेती बनी लाभकारी विकल्प
धान की तुलना में गेंदा की खेती ने कम समय में बेहतर रिटर्न दिया, जिससे यह खेती किसानों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनकर उभरी है।
क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बने आनंदराम, बढ़ा नगदी फसलों की ओर रुझान
उनकी सफलता को देखकर आसपास के किसान भी अब पारंपरिक खेती से हटकर फूलों और अन्य नगदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं।
उद्यानिकी विभाग की पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती
सरकारी योजनाओं और प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को लगातार प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और आय के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।

