रायपुर, 02 अप्रैल। Bharatmala Compensation Scam : भारतमाला प्रोजेक्ट में हुए कथित मुआवजा फर्जीवाड़े की जांच अब और सख्ती से की जाएगी। संभाग आयुक्त महादेव कांवरे ने आला अधिकारियों की दो नई टीम गठित कर दी है। इस बार टीम सभी खसरा नंबरों की बारीकी से जांच करेगी चाहे उन पर कोई शिकायत मिली हो या नहीं।
पूरे प्रोजेक्ट में जितने भी खसरा नंबरों पर मुआवजा वितरित किया गया है, उनकी पूरी पड़ताल होगी। संभाग आयुक्त के सख्त निर्देश हैं कि यह जांच एक महीने के अंदर पूरी कर ली जाए और विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाए। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।
टीमों का गठन
रायपुर जिले के खसरा नंबरों की जांच डिप्टी कलेक्टर ज्योति सिंह के नेतृत्व वाली टीम करेगी। धमतरी जिले के खसरा नंबरों की जांच अपर कलेक्टर पवन कुमार की टीम करेगी। प्रशासन का साफ कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ईडी जांच के बाद नया मोड़
हाल ही में ईडी की जांच में खुलासा हुआ था कि इस घोटाले में कई आईएएस, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदारों की गंभीर भूमिका सामने आई है। अभी तक केवल डिप्टी कलेक्टर निर्भय कुमार साहू और शशिकांत कुर्रे को ही गिरफ्तार किया गया है, लेकिन जांच एजेंसी का दावा है कि और कई अधिकारी दोषी हैं। पहले तीन टीमों ने केवल शिकायत वाले खसरा नंबरों की ही जांच की थी। अब पूरे मामले को रूके बिना सभी खसरा नंबरों की जांच का फैसला लिया गया है, ताकि कोई गड़बड़ी छूट न जाए।

