MGNREGA : चेकडैम से बदली गांव की तस्वीर… किसानों को मिला नया संबल… उफिया गांव बना प्रेरणादायक उदाहरण

MGNREGA : चेकडैम से बदली गांव की तस्वीर… किसानों को मिला नया संबल… उफिया गांव बना प्रेरणादायक उदाहरण

रायपुर, 23 अप्रैल। MGNREGA : छत्तीसगढ में जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब जमीनी स्तर पर असर दिखा रहे हैं। मनरेगा के तहत बनाए गए चेकडैम न केवल पानी बचाने में मदद कर रहे हैं, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहे हैं। बलरामपुर ज़िला के राजपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत उफिया में सुई थोपा नाला पर निर्मित चेकडैम ने पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। इस संरचना से वर्षा जल का बेहतर संरक्षण हुआ है और भू-जल स्तर में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

सिंचाई सुविधा से बढ़ी खेती की संभावनाएं

पहले जल संकट के कारण किसान सीमित खेती तक ही सीमित थे, लेकिन अब पूरे साल सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध है। इस चेकडैम से लगभग 16 एकड़ भूमि सिंचित हो रही है, जिससे 7 किसान सीधे लाभान्वित हो रहे हैं।

बहुफसली खेती से आय में इजाफा

पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसान अब गेहूं, सरसों, मक्का, धान और सब्जियों जैसी विभिन्न फसलें उगा रहे हैं। इससे उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है। साथ ही आसपास के 25 से 30 किसान भी अप्रत्यक्ष रूप से इसका लाभ उठा रहे हैं।

रोजगार और आत्मनिर्भरता को मिला बढ़ावा

मनरेगा के अंतर्गत चेकडैम निर्माण से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिला है। इससे उनकी आय बढ़ी है और वे आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं। अब किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और बहुफसली खेती अपना रहे हैं।

पशुधन के लिए भी बना सहारा

इस चेकडैम से न केवल खेती को लाभ मिला है, बल्कि मवेशियों के लिए भी सालभर पानी उपलब्ध हो रहा है, जिससे ग्रामीण जीवन में स्थिरता आई है।

ग्रामीण विकास का मजबूत आधार

जल संरक्षण पर आधारित यह पहल ग्रामीण विकास, कृषि समृद्धि और आजीविका सुदृढ़ीकरण का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है। यह दिखाता है कि सही योजना और क्रियान्वयन से गांवों की तस्वीर बदली जा सकती है।

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