रायपुर, 19 अप्रैल। National Health Authority : छत्तीसगढ ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा पुणे में आयोजित चिंतन शिविर में राज्य को बड़े राज्यों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ को संदिग्ध दावों की सटीक पहचान और उनके प्रभावी विश्लेषण के साथ-साथ संदिग्ध दावों के त्वरित और समयबद्ध निपटान के लिए यह गौरव प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि राज्य की सुदृढ़ कार्यप्रणाली और पारदर्शी व्यवस्था को दर्शाती है।
तकनीक आधारित निगरानी से सुधार
राज्य में उन्नत तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था, सुदृढ़ दावा परीक्षण प्रणाली तथा संकेत आधारित नियंत्रण प्रणाली के प्रभावी उपयोग से संदिग्ध प्रकरणों की समय पर पहचान और उनके शीघ्र निराकरण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय और पारदर्शी प्रक्रियाओं के कारण दावों के निपटान की गुणवत्ता में वृद्धि हुई है और अनावश्यक विलंब में कमी आई है, जिससे लाभार्थियों को समय पर सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।
मुख्यमंत्री ने जताई प्रसन्नता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य की पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है और इसके लिए निरंतर सुधार की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री का बयान
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यह सम्मान प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और सतत सुधार का परिणाम है। उन्होंने इसे स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासनिक दल और सभी सहयोगी संस्थाओं के सामूहिक प्रयासों की सफलता बताया।
जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता
यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता और तकनीकी मजबूती को दर्शाती है, बल्कि जनसेवा के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी उजागर करती है। छत्तीसगढ़ भविष्य में भी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

