Chhattisgarh Culture : चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति…गांव-गांव की कला अब पहुंचेगी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक

Chhattisgarh Culture : चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति…गांव-गांव की कला अब पहुंचेगी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक

रायपुर, 18 अप्रैल। Chhattisgarh Culture : छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा संचालित चिन्हारी योजना राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। इस योजना के जरिए लोक कलाकारों को नई पहचान मिलने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से भी सशक्त किया जा रहा है।

योजना के तहत प्रदेशभर के लोक कलाकारों, शिल्पकारों, गायकों और नर्तकों का पंजीयन किया जा रहा है। इससे एक व्यापक सांस्कृतिक डेटाबेस तैयार हो रहा है, जो भविष्य में कला संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

चिन्हारी योजना के अंतर्गत चयनित कलाकारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है और उन्हें राज्य, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी कला प्रस्तुत करने के अवसर दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, मेलों, उत्सवों और शासकीय कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित कर उन्हें व्यापक पहचान दिलाई जा रही है।

नई पीढ़ी को लोक संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है। गुरु-शिष्य परंपरा को बढ़ावा देते हुए अनुभवी कलाकार युवाओं को पारंपरिक कला का प्रशिक्षण दे रहे हैं, जिससे सांस्कृतिक विरासत का हस्तांतरण सुनिश्चित हो रहा है।

योजना का एक अहम पहलू विलुप्त होती लोक परंपराओं का संरक्षण और पुनर्जीवन भी है। लोक नृत्य, लोकगीत और पारंपरिक शिल्प को न सिर्फ सहेजा जा रहा है, बल्कि डिजिटल माध्यमों के जरिए उनका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।

चिन्हारी योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, स्थानीय कला को पर्यटन से जोड़कर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

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