कार्यकर्ताओं को ‘पुरस्कार’ देने का आरोप
विज्ञापन भुगतान का भी आरोप
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि जनसंपर्क निधि का उपयोग मीडिया विज्ञापन भुगतान के लिए किया गया। हालांकि, इस संबंध में भी आधिकारिक पुष्टि या जांच रिपोर्ट सामने आना बाकी है।
हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक विधायक रेणुका सिंह या संबंधित विभाग की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले की सत्यता और पूरी स्थिति स्पष्ट होने के लिए जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
यह खबर उपलब्ध दस्तावेजों और आरोपों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही हो सकेगी। बहरहाल, अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल सरकारी धन के उपयोग पर सवाल खड़े करेगा, बल्कि राजनीतिक जवाबदेही और पारदर्शिता की बहस को भी तेज करेगा।
इन रसूखदारों को मिली मदद
ठेकेदार को मिली मदद: सूची में अनिल यादव का नाम दर्ज है, जो ‘यादव कंस्ट्रक्शन’ के मालिक और एक बड़े ठेकेदार हैं।
सरकारी कर्मचारी भी लाभार्थी: सिंगार साय राजवाड़े, जो स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं, उन्हें भी सरकारी खजाने से मदद दी गई।
अपनों पर इनायत: जय मंगल सिंह (पिता भगवान सिंह), जो वर्तमान विधायक प्रतिनिधि, जिला पंचायत कोरिया के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व जनपद सदस्य हैं, उनके पिता को भी इस निधि का लाभ दिया गया।
कार्यकर्ताओं का ‘पुरस्कार’: भाजपा हसदेव मंडल के महामंत्री भगवान दास, भाजपा कार्यकर्ता (Renuka Singh Fund Misuse Allegations) हेमंत राजवाड़े, होलिका राजवाड़े और देव लाल जैसे कई नाम सूची में शामिल हैं, जिन्हें आर्थिक रूप से कमजोर बताकर भुगतान किया गया। यहाँ तक कि फ्लेक्स प्रिंटिंग व्यवसाय चलाने वाले आदित्य नंदन गुप्ता को भी नहीं छोड़ा गया।





