रायपुर, 30 नवम्बर। Awas Mitra : प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अपूर्ण आवासों को पूर्ण दिखाने की गलत रिपोर्टिंग के गंभीर प्रकरण में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत गरियाबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने 4 ग्राम पंचायतों के आवास मित्रों और एक ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक की सेवाएँ तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना के अंतर्गत निर्मित आवासों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने जिला स्तरीय टीम को कई ग्राम पंचायतों में भेजा गया था। टीम ने खजूरपदर, उसरीजोर, सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी, मुचबहाल और धोबनमाल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ हितग्राहियों के आवास अभी भी अधूरे थे, जबकि आवास मित्रों और रोजगार सहायकों द्वारा अन्य व्यक्तियों के आवासों का जियोटैग कर उन्हें पूर्ण दिखाया गया था।
इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए ग्राम पंचायत सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी और मुचबहाल के आवास मित्रों तथा ग्राम पंचायत धोबनमाल के रोजगार सहायक की सेवाएँ समाप्त कर दी गईं।
इसके साथ ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मैनपुर; विकासखंड समन्वयक, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण); तकनीकी सहायक (मनरेगा) सहित सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी, मुचबहाल एवं धोबनमाल के सरपंच और सचिव को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
जियोटैगिंग में बिना सत्यापन के रिपोर्ट जमा करने पर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तकनीकी सहायक को भी नोटिस जारी हुआ है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के लिए मॉनिटरिंग प्रणाली को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

